चेन्नई , फरवरी 26 -- चुनाव आयोग ने आगामी 2026 तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत चेन्नई में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के साथ गुरुवार को विस्तृत परामर्श बैठक की।
बैठक की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी ने की। तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।
बैठक में आम आदमी पार्टी (आप), बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस और राष्ट्रीय पीपल्स पार्टी सहित छह मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसके अलावा अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कषगम, नाम तमिलर काची और विदुथलाई चिरुथिगल काची सहित पांच मान्यता प्राप्त राज्य दलों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।
अधिकारियों के अनुसार अधिकांश दलों ने राज्य में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) की शांतिपूर्ण और सुचारु प्रक्रिया के लिए आयोग की सराहना की। चुनाव के दौरान धनबल और प्रलोभनों के वितरण को लेकर चिंता व्यक्त की गयी। कई दलों ने ऐसी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और प्रचार अवधि में अनियमितताओं को रोकने के लिए उड़नदस्ता दलों की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बैठक में हिस्सा लेने वालों को आश्वस्त किया कि चुनाव कानून के अनुसार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाएंगे तथा प्रलोभन संबंधी गतिविधियों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।
अधिकांश दलों ने प्रशासनिक सुविधा और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए विधानसभा चुनाव एक ही चरण में कराने का आग्रह किया। कुछ दलों ने चुनाव कार्यक्रम तय करते समय त्योहारों की तिथियों को ध्यान में रखने का भी अनुरोध किया, ताकि अधिकतम मतदाता भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। आयोग ने कहा कि प्राप्त सुझावों पर विचार किया जाएगा और इन्हें तैयारियों तथा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पूर्व परखा जाएगा।
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