तिरुवनंतपुरम , मार्च 29 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला ने आरोप लगाया है कि केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) के बीच गुप्त राजनीतिक गठबंधन है, जिससे राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में नया विवाद पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि एसडीपीआई कई चुनाव क्षेत्रों में सक्रिय रूप से माकपा उम्मीदवारों का समर्थन कर रही है। उनके अनुसार, यह नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों में दोनों दलों के बीच एक स्पष्ट और सोची-समझी चुनावी समझ की ओर इशारा करता है। श्री चेन्निथला ने जोर देकर कहा कि यह समर्थन कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा है।
श्री चेन्निथला ने कहा कि इस तरह का सहयोग कोई नयी बात नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी इसी तरह का समझौता सामने आया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय 60 से अधिक चुनाव क्षेत्रों में, विशेष रूप से भाजपा से माकपा को वोटों का व्यवस्थित हस्तांतरण हुआ था। इस बारे में उनका दावा है कि इसने माकपा की चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में माकपा नेतृत्व मौजूदा 2026 के चुनावी माहौल में भी वही रणनीति जारी रख रहा है, जो दर्शाता है कि अप्रत्यक्ष गठबंधन और वोट-साझाकरण की चालें अब भी जारी हैं।
उन्होंने माकपा पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी सार्वजनिक रूप से वैचारिक रुख अपनाती है, जबकि पर्दे के पीछे गुप्त राजनीतिक सहयोग में शामिल रहती है। उन्होंने तर्क दिया कि इस तरह के कार्य वैचारिक राजनीति से हटकर सत्ता-संचालित रणनीतियों के पक्ष में झुकाव को दर्शाते हैं।
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