प्रयागराज , मई 19 -- लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के पूर्वी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने मंगलवार को प्रयागराज में दावा किया कि पार्टी बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है और प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने की तैयारी कर रही है।

राजीव पासवान ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव और चौराहों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से "क्यों मांगे उधार, जब अपना नेता तैयार" जैसे नारों वाले पोस्टर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब पासी-पासवान समाज को किसी अन्य नेता की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनके सुख-दुख में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान उनके साथ खड़े हैं।

उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों में से करीब 105 सीटों पर पासी-पासवान समाज जीत और हार तय करने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि पार्टी मजबूती के साथ 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

राजीव पासवान ने समाजवादी पार्टी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सख्त होने के बावजूद समाजवादी पार्टी से जुड़े तत्वों द्वारा पासी समाज के लोगों की हत्याएं की गई हैं। उन्होंने हाल की कई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पार्टी इन मामलों को गंभीरता से उठा रही है।

उन्होंने बताया कि पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और सांसद अरुण भारती बुधवार को प्रयागराज पहुंचेंगे और कौशांबी जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता भी प्रदान करेगा।

राजीव पासवान ने कहा कि पार्टी की मांग है कि प्रत्येक मृतक के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की गई है।

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने आरक्षण और संविधान को लेकर लोगों में भ्रम पैदा कर कुछ सीटें हासिल की थीं, लेकिन अब जनता पार्टी की वास्तविकता समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का होगा और चिराग पासवान के रहते कोई भी आरक्षण और संविधान को खत्म नहीं कर सकता।

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