कोलकाता , जून 18 -- तृणमूल कांग्रेस के पांच वरिष्ठ विधायकों ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से उनके कक्ष में मुलाकात कर पार्टी और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
प्रतिनिधिमंडल में कुणाल घोष, शोभनदेब चट्टोपाध्याय, मदन मित्रा, अशोक देब और रहीम बख्शी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार बैठक में ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था, तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई तथा फेरीवालों के पुनर्वास से जुड़े मुद्दे उठाए गए।
सूत्रों ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने ममता बनर्जी के पूर्व सुरक्षा कर्मियों को बहाल करने, तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित हमलों एवं मुकदमों पर कार्रवाई करने तथा पुनर्वास की व्यवस्था किये बिना फेरीवालों को हटाने की कार्रवाई रोकने की मांग की।
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। तृणमूल नेताओं ने उनके दो निजी सुरक्षा अधिकारियों (पीएसओ) को हटाए जाने पर नाराजगी जतायी। बताया जाता है कि श्री घोष ने मुख्यमंत्री से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और पूर्व सुरक्षा दल को बहाल करने का अनुरोध किया।
सूत्रों के अनुसार श्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सुश्री बनर्जी की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था मानक प्रोटोकॉल के अनुसार ही तय होगी और इसमें व्यक्तिगत पसंद का कोई स्थान नहीं है।
प्रतिनिधिमंडल ने फेरीवालों को हटाने से पहले पर्याप्त पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए समय देने की भी मांग की। बैठक में कुछ अन्य प्रशासनिक और संसदीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, विधायकों ने स्पष्ट किया कि वे सुश्री बनर्जी के प्रति पूरी तरह निष्ठावान हैं और उनकी यह पहल केवल राज्य और जनता के हित में की गयी है।
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