पटना , जून 29 -- बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने हिंदी और मैथिली साहित्य के प्रसिद्ध कवि, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता बाबा नागार्जुन की जयंती के अवसर पर उन्हें नमन तथा भावभीनी भावांजलि अर्पित की है।
डॉ. कुमार ने कहा कि नागार्जुन 'जन कवि' थे। उन्होंने कहा कि बाबा नागार्जुन का मूल नाम वैद्यनाथ मिश्र था और वे मैथिली में 'यात्री' नाम से लिखा करते थे।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि नागार्जुन की रचनाओं ने जनवादी विचारों से ओत प्रोत गरीबों, किसानों और मजदूरों के संघर्ष को मुखर आवाज दी। उन्होंने कई उपन्यास,लघु कथाएं,आत्म कथाएं तथा यात्रा वृतांत भी लिखे। उनकी प्रमुख कृतियों में "बादल को घिरते देखा है", "युगधारा","पत्रहीन नग्न गाछ"(मैथिली) और "हजार-हजार बाँहों वाली"शामिल हैं। साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें "साहित्य अकादमी पुरस्कार" से सम्मानित किया गया था।
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