पटना , जुलाई 28 -- बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने सदन के मॉनसून सत्र में विधायक अजीत कुमार एवं अरुण कुमार के लाये गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के संदर्भ में सरकारी उपक्रमों से सम्बंधित समिति के समक्ष डेयरी से निकलने वाले दूषित जल से प्रभावित हो रही कृषि योग्य भूमि एवं पर्यावरण को हो रहे नुकसान के समाधान के लिए बिहार स्टेट मिल्क कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड एवं सुधा डेयरी के पदाधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की।इस बैठक के बाद डॉ.प्रेम कुमार ने इस बात को रखा कि मुजफ्फरपुर में सुधा प्लांट से निकलने वाले रसायन युक्त दूषित जल से आम जनमानस के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने के साथ लीची की खेती भी प्रभावित हो रही है। इस पर सम्बंधित पदाधिकारियों ने बताया कि दूषित जल के उपचार के लिए एक तालाब का निर्माण सुधा प्लांट में ही किया जा रहा है एवं इसके लिए भूमि का अधिग्रहण भी किया गया है।

इसके बाद अध्यक्ष श्री कुमार ने विभाग के इस कदम पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस समस्या के समाधान में कई हितधारक जुड़े हैं। साथ ही ,राष्ट्रीय राजमार्ग एवं रेलवे लाइन के इर्द गिर्द होने से सुधा प्लांट से निकलने वाले दूषित जल के कारण बारिश के महीने में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रमंडल आयुक्त अपने स्तर से सभी सम्बंधित हितधारकों जैसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ,बिहार राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ लिमिटेड (कम्फेडल , रेलवे , जिला प्रशासन के अधिकारियों सहित स्थानीय विधायकों एवं सांसदों के साथ संयुक्त बैठक कर इस समस्या का समाधान निकालें। उन्होंने सभा सचिवालय के पदाधिकारियों को प्रमंडल आयुक्त,तिरहुत को इस सम्बन्ध में पत्राचार करने के निर्देश दिए।

इस बैठक में विधायक अजीत कुमार एवं श्री अरुण कुमार ;प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट मिल्क कोआपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड; प्रबंध निदेशक , सुधा डेयरी,पटना ; प्रबंध निदेशक, सुधा डेयरी ; मुजफ्फरपुर;सभा सचिवालय की प्रभारी सचिव सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे ।

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