चंडीगढ़ , अगस्त 05 -- शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतारसिंह संधवां और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा पर श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया है।
पार्टी ने आरोप लगाया कि विधानसभा में विधायक गणीव कौर मजीठिया की टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाकर श्री अकाल तख्त साहिब की भावना का अपमान किया गया है। शिअद ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से इस मामले का कड़ा संज्ञान लेकर कार्रवाई करने की मांग की है। चंडीगढ़ में बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिरोमणि अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है कि विधानसभा अध्यक्ष ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा के कहने पर गणीव कौर मजीठिया की टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया।
श्री कलेर ने कहा कि गणीव कौर मजीठिया ने केवल इतना पूछा था कि आम आदमी पार्टी के विधायक श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज की मौजूदगी में किये गये उस वादे से पीछे क्यों हट गये, जिसमें जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) कानून में संशोधन करने की बात कही गयी थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि विधानसभा अध्यक्ष 'संगत' शब्द की अलग व्याख्या कर श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों की अनदेखी क्यों कर रहे हैं।
शिअद प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब गणीव कौर मजीठिया ने श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान का मुद्दा उठाया तो आम आदमी पार्टी के विधायक उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए सदन के बीचोबीच में पहुंच गये, जबकि विधानसभा अध्यक्ष ने उनकी आवाज दबाने का प्रयास किया।
श्री कलेर ने गणीव कौर मजीठिया की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने 92 आप विधायकों के बीच भी श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा की रक्षा के लिए साहस का परिचय दिया और माई भागो की परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से यह भी मांग की कि उन सभी आप विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाये, जिन्होंने पहले जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026 में संशोधन करने पर सहमति जताने के बाद अब उससे पीछे हटने का प्रयास किया है।
श्री कलेर ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी के विधायक श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों को निष्प्रभावी करने की साजिश का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी स्वयं को 'संगत' का प्रतिनिधि नहीं बता सकती और उसे इस कथित आचरण के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
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