उज्जैन , मार्च 17 -- मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और देश के विकास में योगदान देकर जिम्मेदार नागरिक बनना है।

राज्यपाल श्री पटेल मंगलवार को उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय (विक्रम विश्वविद्यालय) के 30वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव उपस्थित थे।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय से मिले संस्कारों को जीवन भर अपनाना चाहिए और समाज के उत्थान तथा देश की एकता के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता और गुरुजनों के प्रति सदैव आभार व्यक्त करते हुए उनकी सेवा करना प्रत्येक विद्यार्थी का कर्तव्य है।

उन्होंने दीक्षांत समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राज्यपाल ने कहा कि उज्जैन नगरी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है और यहां से प्रेरणा लेकर जीवन में आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन ज्ञान, विज्ञान और ध्यान का वैश्विक केंद्र रहा है तथा यह भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली और सम्राट विक्रमादित्य की कर्मभूमि रही है। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन में नई शुरुआत का महत्वपूर्ण पड़ाव है। मुख्यमंत्री ने बताया कि समारोह में 397 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं, जिनमें 181 को डिग्री, 198 को स्वर्ण पदक, एक को डी-लिट तथा 88 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि दी गई।

उन्होंने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे देश और प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय के लिए 51 लाख रुपये की सहायता, कृषि अध्ययन शाला हेतु पांच ड्रोन तथा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भ्रमण के लिए एक बस प्रदान करने की घोषणा भी की।

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