बीकानेर, एक अगस्त (वार्ता) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा है कि उच्च शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व है कि वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के साथ उन्हें बौद्धिक रूप से भी सशक्त बनाएं।

श्री बागडे शनिवार को राजस्थान में बीकानेर के स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय (एसकेआरएयू) के 40वें स्थापना दिवस समारोह और डॉ. के. एन. स्मृति व्याख्यानमाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के प्रति कृतज्ञ युवाओं के योगदान से देश को और अधिक सक्षम और सशक्त बनाया जा सकेगा।

श्री बागड़े ने कहा कि गत 40 वर्षों ने इस विश्वविद्यालय ने अपार उपलब्धियां हासिल की हैं। अब तक 28 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने कृषि शिक्षण किया और उपाधियाँ प्राप्त की हैं। यहां अध्ययन करके देश और दुनिया में विश्वविद्यालय का नाम रौशन करने वाले विश्वविद्यालय के पूर्व विद्यार्थियों का रिकॉर्ड भी संधारित किया जाए। उन्होंने कहा कि डिग्री प्राप्त करने के बाद विद्यार्थी संघ लोकसेवा अ आयोग (यूपीएससी) और राजस्थान लोकसेवा आयोग (आरपीएससी) की स्तरीय परीक्षाएं दें, जिससे वे भी नीति निर्धारकों में शामिल हो सकें।

श्री बागडे ने कहा कि विद्यार्थियों को बौद्धिक रूप से सशक्त करना वर्तमान में सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने विख्यात शिक्षाविद् सुधामूर्ति और जैव रसायनज्ञ कमला भागवत सहोनी के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएं।

श्री बागड़े ने स्वामी केशवानंद द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय जैसे महान लोगों ने देशभर में घूम-घूमकर लोगों का सहयोग लिया और स्तरीय संस्थान स्थापित किए।

समारोह में केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि भारत सरकार के भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) अभियान ने स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय को उद्योग 4.0 के तहत कृषि पर आधारित उत्कृष्टता केंद्र की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस पर 20 करोड़ रुपए व्यय होंगे। यह क्षेत्र के किसानों और कृषि शोधार्थियों के लिए लाभदायक साबित होगा।

कार्यक्रम के दौरान श्री बागड़े ने श्री मेघवाल को विश्वविद्यालय की सर्वोच्च शैक्षणिक उपाधि 'डॉक्टर ऑफ साइंस' प्रदान की।

इससे पहले श्री बागडे ने डीजीसीए, नई दिल्ली द्वारा अधिकृत और एसकेआरएयू दूरस्थ प्रमुख प्रशिक्षण संगठन द्वारा संचालित होने वाले ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में मोलश्री का पौधा लगाया और विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा विश्वविद्यालय की गतिविधियों और उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया।

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