बेंगलुरु , मार्च 02 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने सोमवार को कहा कि विदेश में रहने वाले प्रत्येक कन्नड़ भाषी लोगों की सुरक्षा एवं कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में व्याप्त तनाव की स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं ।
श्री सिद्दारमैया ने एक बयान में कहा कि हवाई क्षेत्र में व्यवधान एवं उड़ानों के रद्द होने से लगभग 100 कन्नड़ भाषी संयुक्त अरब अमीरात, विशेष रूप से दुबई में फंसे हुए हैं और नौ लोग बहरीन में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की टीमें लगातार उनसे संपर्क में हैं ताकि प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा सके।
उन्होंने कहा कि स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) और सभी जिला आपातकालीन संचालन केंद्र (डीईओसी) 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार विदेश मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और प्रभावित क्षेत्रों में स्थित भारतीय दूतावासों एवं वाणिज्य दूतावासों के साथ निरंतर समन्वय कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य सचिव ने विदेश में फंसे कन्नड़ भाषी लोगों की सुरक्षा, सहायता एवं स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। इसके अलावा आवश्यक सहायता प्रदान करने, टिकटों के पुनर्निर्धारण में लचीलापन लाने और जल्द से जल्द वापसी उड़ानें सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस के साथ समन्वय का अनुरोध करते हुए एक अलग पत्र भी भेजा गया है।
प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले कन्नड़ भाषी लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उनसे शांत रहने और स्थानीय अधिकारियों तथा भारतीय दूतावासों द्वारा जारी सलाहों का सख्ती से पालन करने की अपील की। उन्होंने उनसे आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में दिए गए हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से संबंधित दूतावास या वाणिज्य दूतावास में पंजीकरण कराने का आग्रह किया।
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