नयी दिल्ली , अप्रैल 22 -- केन्द्र सरकार ने उन आरोपों को खारिज कर दिया है जिनमें यह दावा किया गया है कि भारतीय ध्वज वाला टैंकर सन्मार हेराल्ड होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी बलों की गोलीबारी से पहले एक क्रिप्टोकरेंसी घोटाले का शिकार हुआ था।
सरकार ने बुधवार को यहां इन दावों को झूठा और भ्रामक बताया और इन्हें खारिज कर दिया है। भारतीय व्यापारिक पोत सन्मार हेराल्ड पर जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करते समय तेज गोलीबारी की गई। हमले के दौरान, कप्तान ने ईरानी अधिकारियों को एक आपातकालीन रेडियो संकट संदेश भेजा। ऑडियो में कप्तान को कहते हुए सुना जा सकता है: "सेपाह नौसेना! सेपाह नौसेना! यह मोटर टैंकर सन्मार हेराल्ड है! आपने मुझे जाने की अनुमति दी थी! मेरा नाम आपकी सूची में दूसरे स्थान पर है! आपने मुझे जाने की अनुमति दी थी! आप अब गोली चला रहे हैं! मुझे वापस मुड़ने दीजिए!"यह दावा एक यूनानी समुद्री जोखिम प्रबंधन कंपनी मेरिस्क्स के आकलन के बाद चर्चा में आया, जिसमें संकेत दिया गया था कि शनिवार की गोलीबारी की घटना में निशाना बनाए गए जहाजों में से एक समुद्री घोटाले का शिकार हो सकता है, जिसकी बाद में कई मीडिया संस्थानों ने रिपोर्ट दी।
कंपनी के अनुसार, भारतीय ध्वज वाला थोक मालवाहक जग अर्नव, जो सऊदी अरब के अल जुबैल की ओर जा रहा था, और टैंकर सन्मार हेराल्ड, जो इराक से भारत कच्चा तेल लेकर आ रहा था, उन जहाजों में शामिल थे जिन पर गोलीबारी हुई।
मेरिस्क्स ने चेतावनी दी कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की भीड़भाड़ ने धोखाधड़ी के जोखिम को बढ़ा दिया है, जहां ठग कथित रूप से ईरानी सुरक्षा अधिकारियों का रूप धारण कर सुरक्षित मार्ग के बदले क्रिप्टोकरेंसी भुगतान की मांग कर रहे हैं।
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