पन्ना , सितंबर 14 -- मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में विदेश भेजने के नाम पर फर्जी वीजा बनाकर 12 लाख 65 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को पुलिस ने बिजनौर, उत्तरप्रदेश और नई दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से फर्जी वीजा, 14 पासपोर्ट, नौ लाख 50 हजार 400 रुपये नकद, एक चार पहिया वाहन, अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज और चार मोबाइल फोन सहित करीब 20 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया गया है।

पुलिस द्वारा आज दी गई जानकारी के अनुसार बृजपुर थाना क्षेत्र के अहिरगवां कैम्प निवासी हीरामन मंडल (25) ने अपने साथी देवानंद मंडल (28) के साथ थाने में लिखित आवेदन देकर बताया था कि आशु चौधरी नामक व्यक्ति ने दोनों को विदेश भेजने और वीजा बनवाने का झांसा दिया। आरोपी ने दोनों से कुल 12 लाख 65 हजार 900 रुपये ले लिए तथा वीजा बनवाने के नाम पर उनके पासपोर्ट अपने पास रख लिए।

पुलिस के अनुसार करीब तीन माह बाद आरोपी ने पासपोर्ट वापस करते हुए उनमें वीजा चस्पा कर दिया। फरियादी जब विदेश जाने के लिए अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचा और वीजा प्रस्तुत किया तो जांच में वह फर्जी पाया गया। आवेदन के आधार पर बृजपुर थाने में अपराध क्रमांक 127/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 338, 336(3) और 340(2) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

पुलिस अधीक्षक पन्ना ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी बृजपुर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। तकनीकी साक्ष्य और अन्य माध्यमों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी आशु चौधरी को बिजनौर, उत्तरप्रदेश से अभिरक्षा में लिया।

पुलिस पूछताछ में आशु चौधरी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने अपने साथी आदिल उर्फ अली के साथ मिलकर हीरामन मंडल और देवानंद मंडल को विदेश भेजने तथा वीजा बनवाने के नाम पर धोखाधड़ी की थी। आशु से पूछताछ और मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आदिल उर्फ अली की तलाश की और उसे शिव विहार, करावल नगर, नई दिल्ली से अभिरक्षा में लिया।

पुलिस के अनुसार आदिल उर्फ अली ने पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली स्थित बीएफएस कंपनी के बाहर कमीशन लेकर वीजा बनवाने के एजेंट के रूप में काम करता है। उसने आशु चौधरी के साथ मिलकर फरियादियों को विदेश भेजने के नाम पर फर्जी वीजा तैयार करने और धोखाधड़ी करने में सहयोग करना स्वीकार किया। आरोपी ने बताया कि उसे आशु चौधरी से कमीशन के रूप में छह लाख 50 हजार रुपये मिले थे।

पूछताछ में आरोपी आदिल के पास वीजा बनवाने के लिए अन्य व्यक्तियों के नौ-दस पासपोर्ट रखे होने की जानकारी भी सामने आई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित