हजारीबाग , मार्च 26 -- झारखंड के हजारीबाग जिले की रामनवमी अपनी ऐतिहासिक परंपरा और भव्यता के लिए पूरे देश में जानी जाती है।

इस पर्व का सबसे खास आकर्षण यहां का प्रसिद्ध महावीरी झंडा है, जिसकी मांग अब देश की सीमाओं को पार कर विदेशों तक पहुंच चुकी है। बड़ा बाजार स्थित वीर वस्त्रालय द्वारा तैयार किए गए झंडे इस वर्ष लंदन, अमेरिका समेत कई देशों में लहराएंगे।

हजारीबाग के कई ऐसे परिवार हैं, जिनके परिजन विदेशों में रहते हैं। वे यहां से झंडा खरीदकर कोरियर के माध्यम से भेजते हैं। वहीं, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी बड़ी संख्या में विदेश में रहने वाले सनातनी वीर वस्त्रालय से झंडे का ऑर्डर दे रहे हैं। कोरोना काल के दौरान इस प्रतिष्ठान ने ऑनलाइन व्यवसाय शुरू किया था, जिसका अब व्यापक लाभ मिल रहा है।

दुकान संचालक देवेंद्र जैन ने बताया कि हजारीबाग की रामनवमी की अलग पहचान है और पूरा परिवार सालों भर राम भक्तों की सेवा में जुटा रहता है। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उनके द्वारा तैयार किए गए झंडे विदेशों में भी लहराएंगे और हजारीबाग को एक नई पहचान देंगे।

वीर वस्त्रालय के झंडों की विशेषता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि उद्घाटन के दौरान भी यहां बना महावीरी झंडा स्थापित किया गया था। कारसेवक यहां से झंडा लेकर अयोध्या पहुंचे थे।

इस प्रतिष्ठान की एक और खास बात यह है कि यहां पिछले तीन पीढ़ियों से एक मुस्लिम परिवार झंडा तैयार कर रहा है। साथ ही, हजारीबाग के कई मंदिरों में भगवान के वस्त्र भी यहीं से बनाए जाते हैं। यह परंपरा आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करती है।

झंडा बनाने वाले कारीगर गुलाम जलानी ने बताया कि इस वर्ष बड़े आकार के झंडों की मांग अधिक है। उन्होंने कहा कि इस बार हजारीबाग की रामनवमी में अयोध्या नगरी की झलक देखने को मिलेगी, जिसकी तैयारियां पूरे उत्साह के साथ चल रही हैं।

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