मथुरा , सितंबर 03 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रज की धरती से प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने भले ही मंदिरों को तोड़ा, लेकिन वे भारतीयों की भक्ति और आस्था को कभी नहीं डिगा पाए। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास संघर्ष, संरक्षण, पुनर्निर्माण और सनातन की निरंतरता का इतिहास है।
योगी ने वृंदावन स्थित गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह सहित 1,051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 540 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण और 437 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 167 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस दौरान आवास योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में 72 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि भी हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी हरिदास जी महाराज ने भक्ति को संगीत का स्वरूप दिया और संगीत को साधना बनाकर समाज की चेतना से जोड़ा। उनकी साधना ने एक सम्राट को भी भक्ति रस से जोड़ने का कार्य किया। महान संगीतज्ञ तानसेन को उनका शिष्य बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वामी हरिदास की साधना से निकली संगीत की धारा सदियों से चली आ रही है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक विकास को केवल सड़क, बिजली, पानी, भवन और उद्योग के नजरिये से देखा गया, जबकि विरासत की उपेक्षा होती रही। विदेशी आक्रांताओं और अंग्रेजों ने इतिहास तथा ऐतिहासिक चिन्हों को नष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन भारतीय समाज ने अपनी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखा।
योगी ने कहा कि मथुरा इसका बड़ा उदाहरण है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थित केशव देव मंदिर ने अनेक आक्रमण सहे, लेकिन श्रीकृष्ण और राधारानी की स्मृति को मिटाया नहीं जा सका। जन्माष्टमी का आयोजन नहीं रुका, वृंदावन की भक्ति नहीं थमी, बरसाना की होली और गोवर्धन की परिक्रमा भी जारी रही। उन्होंने कहा कि यही सनातन और ब्रज की शक्ति है।
अयोध्या और काशी का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों पर हुए हमलों के बावजूद धार्मिक परंपराएं समाप्त नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन चुका है और काशी विश्वनाथ धाम भी भव्य स्वरूप में विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि संतों, कलाकारों, क्रांतिकारियों और करोड़ों भारतीयों ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी देश की सभ्यता और संस्कृति को जीवित रखा है।
उन्होंने कहा कि विरासत केवल भौतिक संरचनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मंदिरों, भाषाओं, साहित्य, संगीत, कला, दर्शन, गणित, विज्ञान, चिकित्सा, खगोल ज्ञान और लोक परंपराओं में भी निहित है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार विरासत को विकास, आस्था, अर्थव्यवस्था, परंपरा और आधुनिकता से जोड़कर आगे बढ़ा रही है।
कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में दंगे और उपद्रव होते थे, जबकि अब उत्सवों से पहले व्यवस्थाओं की तैयारी होती है। उन्होंने जून 2016 के जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि उस घटना में 29 लोगों की जान गई थी, जिनमें दो पुलिस अधिकारी भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि अब मथुरा-वृंदावन, बरसाना और गोवर्धन सहित ब्रज क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और विभिन्न धार्मिक आयोजन भव्यता के साथ हो रहे हैं।
योगी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से करीब एक हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं पूरी की गई हैं। वृंदावन, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, राधाकुंड, गोकुल, बलदेव और मथुरा को पर्यटन विकास से जोड़ा जा रहा है। 84 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग तथा कुंडों के पुनरुद्धार का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वृंदावन में रोपवे और मेगा पार्किंग तथा मथुरा में राया अर्बन नोड जैसी परियोजनाओं के जरिए ब्रज के आधुनिक विकास की नींव रखी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रज संस्कृति और भाषा के संरक्षण के लिए सूरदास ब्रजभाषा अकादमी की स्थापना की गई है। देश-विदेश के कलाकारों को मंच उपलब्ध कराकर ब्रज की संगीत एवं साहित्यिक विरासत को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वृंदावन की नगरीय सीमा में करीब 400 एकड़ क्षेत्र में सौरभी वन विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विरासत से जुड़कर ही भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र की परिकल्पना को साकार कर सकता है। इसके लिए महिलाओं, युवाओं, किसानों, उद्यमियों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों समेत समाज के हर वर्ग का विकास जरूरी है।
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