नयी दिल्ली , फरवरी 27 -- केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ रही है और अगले वित्त वर्ष (2026-27) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में सात से 7.4 प्रतिशत के बीच वृद्धि की संभावना है।
श्री नागेश्वरन ने आधार वर्ष 2022-23 पर आधारित नयी सीरीज के जीडीपी के पहले आंकड़ों के बारे में जानकारी देने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रबी फसलों की अच्छी बुवाई हुई है, देश में अनाज का पर्याप्त भंडार है और वैश्विक स्तर पर कॅमोडिटी के मूल्यों में नरमी है। कुल मिलाकर आपूर्ति पक्ष की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं जिससे मुद्रास्फीति में नरमी आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि पूंजीगत निवेश से समझौता किये बिना सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाये रखा है। संशोधित अनुमानों के अनुसार, नयी सीरीज के जीडीपी की तुलना में राजकोषीय घाटे के 4.5 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है।
अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों के साथ व्यापार समझौतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे नीतिगत स्थिरता बनी है। इन सभी कारकों के मद्देनजर नयी सीरीज में अगले वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान आर्थिक सर्वेक्षण में जारी आंकड़ों की तुलना में बढ़ाकर सात से 7.4 प्रतिशत के बीच कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि संसद में 29 जनवरी को पेश आर्थिक सर्वेक्षण में अगले वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रखा गया था।
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