मुंबई , मई 25 -- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों से सूक्ष्म और छोटे उद्यमों तथा कृषि क्षेत्र की इकाइयों के लिए कर्ज सुविधा तथा किस्तों का निर्धारण इस तरह तय करने का सुझाव दिया है जो उनकी वास्तविकताओं और व्यवसाय चक्र की प्रकृति को देखते हुए व्यावहारिक हों ।
श्रीमती सीतारमण ने यहां भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के 37वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मानकों के अनुसार चलने वाली इकाइयों के लिए बने कर्ज के नियम गैर-मानक इकाइयों के लिए उपयुक्त हो , जरूरी नहीं है। इसलिए गैर-मानक क्षेत्र की इकाइयों के लिए कर्ज सुविधाओं को उनके व्यापार चक्र और प्रकृति को ध्यान में रख कर तय करने की जरूरत है।
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