भोपाल , मार्च 30 -- मध्यप्रदेश में वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में राज्य सरकार द्वारा कर्ज लिए जाने को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।
माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने बयान जारी कर कहा कि डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के अंतिम कार्य दिवस पर 2500 करोड़ रुपए का कर्ज लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल मार्च माह में ही सरकार चार बार कर्ज ले चुकी है और इस दौरान कुल 18 हजार 700 करोड़ रुपए का ऋण लिया गया है।
उन्होंने दावा किया कि पूरे वित्तीय वर्ष में सरकार ने लगभग 91 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज लिया, जिससे प्रतिदिन औसतन 250 करोड़ रुपए का कर्ज लेने की स्थिति बनी रही।
माकपा नेता के अनुसार प्रदेश पर कुल कर्ज का बोझ 5.56 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में भी राज्य सरकार विकास के दावे कर रही है।
जसविंदर सिंह ने आरोप लगाया कि 3 मार्च को लिया गया 6300 करोड़ रुपए का कर्ज कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने और 10 मार्च को लिया गया 5800 करोड़ रुपए का कर्ज लाड़ली बहनों के खातों में राशि डालने के लिए लिया गया था।
माकपा ने आरोप लगाया कि पिछले दो दशकों में भाजपा सरकार ने विकास के नाम पर प्रदेश पर कर्ज का बोझ बढ़ाया है और इसका लाभ आम जनता के बजाय कुछ लोगों तक सीमित रहा है।
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