मुंबई , अगस्त 07 -- एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड काउंसिल ऑफ इंडिया (एएससीआई) ने अप्रैल और जून के बीच गर्मियों के मौसम पर केंद्रित पर्सनल केयर, कूलिंग अप्लायंसेस, एयर प्यूरीफायर, सनस्क्रीन, वियरेबल्स और ट्रैवल से जुड़े उत्पादों सहित अलग-अलग कैटेगरी के 40 विज्ञापनों की जांच की जिनमें से 39 को आदर्श मानकों की दृष्टि ये कमियां पायी गयीं और संस्था ने इनमें बदलाव की जरूरत पर बल दियाहै।

इनमें केवल एक विज्ञापन ही अपने दावों को सही साबित कर सका । एएससीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार उपरोक्त 39 में से 21 विज्ञापनों को बिना किसी आपत्ति के संशोधित किया गया या वापस ले लिया गया, जबकि 18 विज्ञापनों को एएससीआई की उपभोक्ता शिकायत परिषद (सीसीसी) ने आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए पाया।

गर्मी के उत्पादों के विज्ञापनों में किये गये दावों की समीक्षा पर संस्थान की रिपोर्ट 'द हीट इज़ ऑन' में सामने आये हैं। यह रिपोर्ट दिखाती है कि एएससीआई कुछ खास क्षेत्रों में सामने आ रहे दावों की गहरायी से जांच करने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।एएससीआई की सीईओ और महासचिव मनीषा कपूर ने कहा, " नयी चीज़ें और नये विचार अच्छी बात हैं, लेकिन विज्ञापनों में किये गये दावों का सच्चा होना भी ज़रूरी है। हमारी जांच में सामने आया कि कई विज्ञापन बढ़ा-चढ़ाकर दावे कर रहे थे, जिन्हें वे सच साबित नहीं कर पाये, वहीं कुछ विज्ञापनों ने गलत सोच और भेदभाव को बढ़ावा दिया। सही और ज़िम्मेदार विज्ञापन लोगों को सही सामान चुनने में मदद करते हैं और कंपनियों पर उनका भरोसा बढ़ाते हैं।"एएससीआई की विज्ञप्ति के अनुसार हर साल गर्मी के मौसम में ब्रांड उपभोक्ताओं का ध्यान खींचने के लिए गर्मी से राहत, धूप से सुरक्षा और तुरंत निखार का वादा जैसे कई तरह के दावे करते हैं। क्या ये मौसमी दावे ठोस सबूतों पर टिके हैं? इसकी जांच के लिए एएससीआई ने यह कवायद की।

रिपोर्ट के अनुसार सन प्रोटेक्शन और टैन रिमूवल उत्पादों के विज्ञापन उल्लंघन करने वाली सबसे बड़ी श्रेणी के रूप में उभरे, इसके बाद कूलिंग, एयर प्यूरिफिकेशन और इंडोर कम्फर्ट से जुड़े होम अप्लायंसेस और फर्निशिंग्स की श्रेणी रही।

इंस्टैंट ब्यूटी ट्रांसफॉर्मेशन यानी तुरंत निखार लाने का दावा करने वाले विज्ञापन बड़े पैमाने पर बने रहे, जिनमें विज्ञापनों द्वारा '30 सेकंड में टैन हटाएं और पाएं निखार', 'पांच दिनों में दिखाई देने वाला अंतर' और 'दो मिनट में जिद्दी टैन हटाएं' जैसे परिणाम देने का वादा किया गया था। जो विज्ञापनदाता इन दावों को साबित करने में विफल रहे, उन्हें अपने विज्ञापनों में संशोधन करने या उन्हें वापस लेने के लिए कहा गया।

चिंता का एक सबसे बड़ा क्षेत्र शिशुओं और बच्चों के लिए स्किन-ब्राइटनिंग और टैन-रिमूवल उत्पादों की मार्केटिंग था। इस कैटेगरी के 14 विज्ञापनों ने टैनिंग और रंगत को लेकर माता-पिता की चिंता का फायदा उठाया, और रंग को लेकर गलत सोच को बढ़ावा दिया।

समीक्षा में यह भी पाया गया कि सनस्क्रीन जैकेट, कूलिंग एपरेल, एयर-कंडीशनर और एयर प्यूरीफायर सहित कई उत्पादों को स्वास्थ्य और सुरक्षा समाधानों के रूप में पेश किया जा रहा है, जिनमें यूवी किरणों से सुरक्षा और प्रदूषकों, एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों और बैक्टीरिया से बचाव से जुड़े व्यापक दावे शामिल हैं। कई मामलों में, इन दावों के पीछे पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत नहीं थे।

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