जालंधर , अगस्त 25 -- पुष्पा गुजराल साइंस सिटी (पीजीएससी) में मंगलवार को आधुनिक विज्ञान की रिपोर्टिंग, प्रभाव और नैतिकता पर आधारित 'साइंस जर्नलिज्म : द एथिक्स, इम्पैक्ट एंड रिपोर्टिंग ऑफ मॉडर्न साइंस' विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें पंजाब के विभिन्न कॉलेजों से 150 से अधिक युवा पत्रकारों, पत्रकारिता एवं जनसंचार के विद्यार्थियों तथा शिक्षकों ने भाग लिया।
साइंस सिटी के निदेशक डॉ. राजेश ग्रोवर ने कहा कि विज्ञान को आम लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि विज्ञान पत्रकार जटिल वैज्ञानिक विषयों को आम भाषा में समझाने, फर्जी खबरों पर रोक लगाने तथा शोध को स्थानीय समुदायों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर मुद्दों की रिपोर्टिंग करते समय भय फैलाने के बजाय उम्मीद और व्यावहारिक समाधान पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने युवा पत्रकारों और विद्यार्थियों से समाज में तार्किक सोच को बढ़ावा देने का आह्वान किया। डॉ. ग्रोवर ने कहा कि एक स्मार्ट और प्रगतिशील राष्ट्र के लिए सरल, सटीक और विश्वसनीय विज्ञान समाचार बेहद जरूरी हैं।
पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज की चेयरपर्सन डॉ अर्चना आर. सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि पत्रकार केवल तथ्यों की रिपोर्टिंग नहीं करते, बल्कि यह भी तय करते हैं कि लोग विज्ञान को किस तरह समझेंगे। उन्होंने कहा कि विज्ञान पत्रकारिता स्वास्थ्य, पर्यावरण और प्रौद्योगिकी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर नागरिकों को सही निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। उन्होंने वैज्ञानिक जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत करने के साथ-साथ उसकी सटीकता और निष्पक्षता बनाये रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक आंकड़ों को समझना, विश्वसनीय स्रोत तलाशना और सूचनाओं का सत्यापन करना विज्ञान पत्रकारों के सामने प्रमुख चुनौतियां हैं।
इस अवसर पर न्यूज18 के संपादक गौरव शुक्ला ने प्रतिभागियों से संवाद किया और पत्रकारिता के अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने वैज्ञानिक विषयों की रिपोर्टिंग के लिए उपयोगी सुझाव देते हुए युवा पत्रकारों को विज्ञान की बेहतर समझ विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
सेमिनार के दौरान 'धान की पराली और प्रदूषण' विषय पर रेडियो फीचर प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। प्रतियोगिता में जालंधर के दोआबा कॉलेज की भूमिका ने पहला स्थान हासिल किया। आईकेजी पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आईकेजीपीटीयू) की मनदीप कौर जोहल ने दूसरा तथा फगवाड़ा स्थित जीएनए यूनिवर्सिटी की अर्शदीप कौर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। जालंधर के एपीजे कॉलेज की सृष्टि को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित