नयी दिल्ली , मई 26 -- केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बीच कोलकाता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और स्टार्टअप से जुड़ी प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को पश्चिम बंगाल में तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्णय लिया गया।

डॉ सिंह ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में मजबूत वैज्ञानिक और शैक्षणिक इकोसिस्टम मौजूद है, जिसे केंद्र सरकार की वैज्ञानिक योजनाओं से जोड़कर नवाचार और शोध को नई दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक संस्थानों, शिक्षा जगत और स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क के एकीकरण से पूर्वी भारत में विज्ञान आधारित क्षेत्रीय विकास का नया मॉडल विकसित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान लिए गए निर्णय राज्य में वैज्ञानिक विकास, अनुसंधान सहयोग, स्टार्टअप विकास और प्रौद्योगिकी-आधारित जन कल्याणकारी पहलों को गति देने के लिए केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच साझा प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

बैठक में राज्य में विज्ञान आधारित विकास को तेज करने और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत बनाने पर सहमति बनी। बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की छात्र एवं महिला केंद्रित योजनाओं जैसे इंस्पायर, इंस्पायर मानक, विज्ञान ज्योति, किरण और वाइज कार्यक्रमों के विस्तार पर भी चर्चा हुई। इन योजनाओं को राज्य के विद्यालयों और महाविद्यालयों में समन्वित रूप से लागू कर विद्यार्थियों और महिलाओं में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और अनुसंधान की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले दिनों में राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा केंद्रीय वैज्ञानिक मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री के साथ उच्चस्तरीय मंत्रिस्तरीय वार्ता कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान की जाएगी।

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