चेन्नई , मार्च 10 -- पिछले साल सितंबर में करूर में आयोजित रैली के दौरान हुई जानलेवा भगदड़ के संबंध में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूछताछ के लिए 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (टीवीके) के अध्यक्ष विजय को मंगलवार 10 मार्च को नयी दिल्ली बुलाया था, लेकिन वह सीबीआई के सामने पेश नहीं हुए।
अभिनेता से राजनेता बने विजय ने चुनाव कार्यों में व्यस्तता का हवाला देकर अपने लिए नये समय की मांग की है। इसके बाद मंगलवार को उन्हें और द्रमुक के कद्दावर नेता और करूर के विधायक वी सेंथिलबालाजी को नया समन जारी किया गया है। सेंथिलबालाजी को सीबीआई ने 15 और 17 मार्च को पेश होने को कहा है।
सीबीआई इससे पहले 12 और 19 जनवरी को दो दौर की पूछताछ के लिए श्री विजय को बुला चुकी है। तीसरे दौर के लिए मंगलवार 10 मार्च को पेश होने का समन जारी किया था।
इस बीच मंगलवार को श्री विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के करीब होने के मद्देनजर टिकट के दावेदारों का साक्षात्कार शुरू कर दिया है। आवेदकों का साक्षात्कार विजय ने चेन्नई के उपनगर पनैयूर स्थित टीवीके मुख्यालय में लिया। पहले दिन करीब 20 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया है। यह प्रक्रिया कुछ और दिनों तक जारी रहेगी।
टीवीके ने देश की प्रमुख जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए विजय के लिए पखवाड़े भर का समय बढ़ाने की मांग की है और दिल्ली के बजाय चेन्नई स्थित सीबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने की अनुमति भी मांगी है।
पिछले वर्ष 27 सितंबर को करूर शहर में आयोजित रैली के लिए विजय शाम को काफी देरी से पहुंचे थे, जबकि भीड़ दोपहर से ही जुटने लगी थी। उनका संबोधन शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद वहां भगदड़ मच गयी थी। इसमें महिलाओं और बच्चों सहित 41 लोगों की जान चली गयी थी।
उच्चतम न्यायालय ने इस त्रासदी की जांच सीबीआई को सौंपी थी और विजय अब तक दिल्ली में दो बार सीबीआई के समक्ष पेश हो चुके हैं।
टीवीके के वरिष्ठ पदाधिकारी 'बुस्सी' एन आनंद, आधव अर्जुना और सीटीआर निर्मल कुमार भी पूछताछ के लिए दिल्ली में सीबीआई के सामने पेश हो चुके हैं।
अभिनेता को तीसरी बार समन भेजा जाना उन अटकलों के बीच हुआ है, जिनमें कहा जा रहा है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व विजय को विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए में शामिल होने के लिए मनाने के लिए आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जनसेना अध्यक्ष पवन कल्याण जैसे मध्यस्थों की मदद ले रहा है।
विजय ने हालांकि भाजपा को टीवीके का 'वैचारिक दुश्मन' बताया है, लेकिन ऐसा लगता है कि भाजपा ने उन्हें अपने खेमे में लाने का प्रयास छोड़ा नहीं हैं।
इस बीच सत्ताधारी द्रमुक के करूर के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी ने खुलासा किया है कि वह इस जानलेवा भगदड़ के संबंध में केंद्रीय एजेंसी के जारी समन के जवाब में 17 मार्च को सीबीआई के समक्ष उपस्थित होंगे। गौरतलब है कि पिछले ही दिनों उन्होंने खुद को कोई समन जारी होने से इनकार किया था।
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