रायपुर , जुलाई 11 -- छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को ग्रामीण विकास, जैविक खेती और इको-टूरिज्म को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। उन्होंने बस्तर के जैविक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने, पंचायतों के विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कबीरधाम के भोरमदेव अभ्यारण्य में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर जोर दिया।
महानदी भवन में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में शर्मा ने अधिकारियों को बस्तर संभाग के उन गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां अब तक रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं हुआ है। उन्होंने ऐसे गांवों का राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) के तहत प्रमाणन कराकर उनके कृषि उत्पादों को यूरोप सहित अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की रणनीति तैयार करने को कहा। उन्होंने बताया कि जैविक प्रमाणन से किसानों को उत्पादों का वर्तमान मूल्य से तीन से चार गुना अधिक मूल्य मिलने की संभावना है।
उन्होंने नारायणपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर और बीजापुर में संयुक्त सर्वे दल भेजकर जैविक क्षेत्रों का परीक्षण कराने तथा ग्राम पंचायतों को प्रमाणित कर 'बिहान' के 'छत्तीसकला' ब्रांड के माध्यम से निर्यात की दिशा में कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए एनपीओपी प्रमाणन के लिए आवश्यक तीन वर्ष की अवधि में छूट देने के संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए।
इसी दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वीबी जीरामजी योजना और पंचायत विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए शर्मा ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी स्कूलों में बालिकाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शौचालयों का निर्माण, मुक्तिधामों की स्थापना, अनुपयोगी बोरवेलों को इंटक वेल के रूप में विकसित कर जल संरक्षण बढ़ाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के कार्यों की नियमित जियो-टैगिंग कराने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के आवास निर्माण में बाधा उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों अथवा अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी जिला पंचायत भवनों को सौर ऊर्जा से जोड़ने और उनके रखरखाव के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की महिला समूहों को प्रशिक्षित करने के निर्देश भी दिए।
इस बीच कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण्य में वन महोत्सव और छह किलोमीटर लंबे भोरमदेव इको ट्रेल का शुभारंभ करते हुए शर्मा ने कहा कि पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। उन्होंने कहा कि इको ट्रेल और जंगल सफारी से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प और अन्य स्थानीय व्यवसायों को लाभ मिलेगा।
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