चेन्नई , मई 19 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके के संस्थापक सी जोसेफ विजय ने मंगलवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यूरिया और डीएपी सहित उर्वरकों (खाद) की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

चालू खरीफ सीजन में फसल की खेती को बढ़ावा मिलने के कारण उन्होंने आपूर्ति में संभावित कमी को देखते हुए यह मांग की।

पीएम मोदी को लिखे अर्द्ध-शासकीय पत्र में मुख्यमंत्री ने उनसे तुरंत हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है, ताकि उर्वरकों की इस कमी को तत्काल पूरा किया जा सके।

उन्होंने प्रधानमंत्री से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की अपील की, ताकि खरीफ 2026 के शेष सीजन की मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक मात्रा की आपूर्ति की जा सके। इसके तहत उन्होंने 3.83 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1.05 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 0.83 लाख मीट्रिक टन एमओपी की मांग की है।

अप्रैल और मई के दौरान कंपनियों द्वारा की गई कम आपूर्ति की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए श्री विजय ने कहा कि तमिलनाडु एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। राज्य में कुल खेती योग्य क्षेत्र 62.25 लाख हेक्टेयर और शुद्ध बोया गया क्षेत्र 48.27 लाख हेक्टेयर है। कुल किसानों में से करीब 92 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है।

उन्होंने कहा कि देश के कुल जल संसाधनों का तीन प्रतिशत हिस्सा तमिलनाडु के पास है और यहां की फसल प्रणाली काफी विविध है। इसमें धान, मोटे अनाज, तिलहन, कपास, गन्ना, सब्जियां, फूल, फल, औषधीय व सुगंधित फसलें और मसाले आदि शामिल हैं।

10 मई को पदभार संभालने के बाद से विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि और किसान कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि खाद निर्माताओं ने अप्रैल और मई के लिए केंद्र सरकार की आपूर्ति योजना के अनुसार, उर्वरकों की आपूर्ति नहीं की है।

श्री विजय ने बताया कि पिछले दो महीनों में योजना के मुकाबले कुल 39,001 मीट्रिक टन यूरिया, 28,607 मीट्रिक टन डीएपी और 24,235 मीट्रिक टन एमओपी की आपूर्ति कम हुई है। उन्होंने कहा कि इस समय राज्य भर में धान, उड़द, मूंग, मूंगफली, तिल और बागवानी फसलों की खेती के लिए कृषि गतिविधियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं।

मौसम विभाग के इस महीने के तीसरे सप्ताह में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन की भविष्यवाणी और राज्य के बड़े हिस्सों में हो रही व्यापक बारिश के कारण किसानों में खरीफ सीजन के दौरान अधिक से अधिक क्षेत्र में बुवाई करने का भारी उत्साह है। इसके चलते आने वाले महीनों में विशेष रूप से यूरिया और डीएपी की मांग में तेजी से बढ़ोतरी होने की संभावना है।

इस महत्वपूर्ण मोड़ पर उर्वरकों की कमी को राज्य की खाद्य सुरक्षा के लिए नुकसानदेह बताते हुए मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को सूचित किया कि तमिलनाडु सरकार ने खरीफ 2026 के दौरान 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को विभिन्न फसलों के तहत लाने का लक्ष्य रखा है, जो राज्य के कुल फसली क्षेत्र का लगभग 40 प्रतिशत है। ऐसे में राज्य सरकार उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बेहद गंभीर है।

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