चेन्नई , मई 15 -- तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार को परिवार प्रमुख महिलाओं के लिए 'कलैग्नार मगलिर उरिमाई थोगई' (केएमयूटी- कलाइग्नार महिला अधिकार निधि) योजना के तहत मई महीने की 1,000 रुपये की राशि जमा कर दी।

इसके एक दिन पहले टीवीके संस्थापक और राज्य के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने इस योजना के पुनर्गठन के लिए समय मांगा था। यह पिछली द्रमुक सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है।

सरकार ने पिछली सरकार की दो प्रमुख योजनाओं में से एक को जारी रखते हुए गुरुवार को महाविद्यालय छात्रों के खातों में 1,000 रुपये जमा किये थे, साथ ही यह वादा भी किया था कि केएमयूटी योजना के तहत महिलाओं के बैंक खातों में भी जल्द ही इतनी ही राशि जमा की जायेगी, क्योंकि सरकार को योजना के पुनर्गठन के लिए कुछ समय चाहिए।

पिछली सरकारों की सभी अच्छी योजनाओं को जारी रखने के अपने आश्वासन के अनुरूप, मुख्यमंत्री विजय ने 'पुदुमैपेन योजना' के तहत छात्राओं और 'तमिल पुधलवन' योजना के तहत उन छात्रों को दी जाने वाली 1,000 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता जारी रखना सुनिश्चित किया, जिन्होंने अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के लिए कक्षा 6 से 12 तक सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा करा दी गयी है।

मुख्यमंत्री विजय ने प्रमुख केएमयूटी योजना के बारे में कहा था कि महिला लाभार्थियों के खातों में जल्द ही यह राशि भेज दी जायेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पिछली द्रमुक सरकार की इस योजना की समीक्षा करते हुए फिलहाल यह मासिक वित्तीय सहायता जारी रखेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इस महीने जल्द से जल्द लाभार्थियों के बैंक खातों में पैसा पहुंचना सुनिश्चित करें। यह आश्वासन द्रमुक की उस मांग के बीच आया है, जिसमें उसने नयी सरकार से लगभग 1.31 करोड़ महिलाओं को लाभ पहुंचाने वाली 1,000 रुपये प्रति माह की योजना सहित अन्य प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखने का आग्रह किया था।

श्री विजय ने हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान महिला मुखियाओं को हर महीने 2,500 रुपये देने का वादा किया था और इस राशि को खातों में जमा करने की योजना जल्द ही आधिकारिक तौर पर लॉन्च की जायेगी।

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