चेन्नई , जून 17 -- मद्रास उच्च न्यायालय ने बुधवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के खिलाफ उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में उनके द्वारा लड़े गये और जीते गये दो निर्वाचन क्षेत्रों के हलफनामों में संपत्तियों के खुलासे में कथित विसंगतियों की आयकर जांच की मांग की गयी थी।

मुख्य न्यायाधीश एस. ए. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने टिप्पणी की कि पहले भी इसी तरह की राहत की मांग करने वाली कई याचिकाएं खारिज कर दी गयी थी।

इससे पहले, अप्रैल 2026 में, श्री विजय की ओर से दायर दोनों हलफनामों में 100 करोड़ रुपये की कथित विसंगति को एक अनियमितता मानते हुये पीठ ने याचिका पर नोटिस जारी किये थे।

याचिकाकर्ता वी. विग्नेश ने तर्क दिया कि पेरंबूर और त्रिची (पूर्व) निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों के समक्ष दायर श्री विजय के हलफनामों में विसंगतियां पहली नज़र में एक ऐसा मामला बनाती हैं जिसकी आयकर महानिदेशक द्वारा जांच की जानी चाहिए।उन्होंने दलील दी कि जहां श्री विजय ने त्रिची ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र के अपने हलफनामे में 115,13,63,010 रुपये की संपत्ति घोषित की थी, वहीं पेरंबूर के लिए उन्होंने 220,15,62,010 रुपये की संपत्ति घोषित की थी। यह तर्क दिया गया कि इतनी उच्च मूल्य की संपत्ति का गायब होना जानकारी छिपाने का एक स्पष्ट मामला है, जो महत्वपूर्ण विवरणों को छिपाने और धन के लेन-देनको लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

हलफनामों में इस विरोधाभास को केवल एक लिपिकीय त्रुटि नहीं माना जा सकता, यह कहते हुये उन्होंने जांच की प्रार्थना की थी।इसके अलावा याचिकाकर्ता ने गुहार लगाई थी कि जांच के निष्कर्षों को 23 अप्रैल की मतदान तिथि को या उससे पहले आम जनता के लाभ के लिए प्रकाशित किया जाये, ताकि मतदाता सोच-समझकर निर्णय ले सकें।

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