पटना, अप्रैल 15 -- बैंक अधिकारी के रूप में अपनी करियर की शुरूआत करने वाले जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने आज राज्य के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर अपने राजनीतिक जीवन के एक नए और सबसे महत्वपूर्ण अध्याय की शुरुआत की।

बिहार के समस्तीपुर में 08 जनवरी 1957 को विजय कुमार चौधरी का जन्म हुआ। उनके पिता जगदीश प्रसाद चौधरी दलसिंहसराय से कांग्रेस के विधायक थे। विजय कुमार चौधरी ने वर्ष 1979 में पटना विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की शिक्षा ली और उसी वर्ष त्रिवेंद्रम में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में पीओ बने । वर्ष 1982 में पिता के आकस्मिक निधन ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ दी और पिता की विरासत संभालने के लिए चुनावी मैदान में उतर गए। वर्ष 1982 के उपचुनाव में कांग्रेस के टिकट पर दलसिंहसराय से जीतकर उन्होंने अपनी पहली राजनीतिक पारी की शानदार शुरुआत की।इसके बाद वह 1985 और 1990 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। वर्ष 1982 से 1995 तक विधायक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम (बीएसआईडीसी) के उपाध्यक्ष और कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के उप मुख्य सचेतक के रूप में काम किया।हालांकि, 1995 और 2000 के चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। श्री चौधरी ने 2000 से 2005 तक बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में काम किया।वर्ष 2005 में उन्होंने जनता दल यूनाईटेड (जदयू) का दामन थाम लिया। वर्ष उन्हें 2008 में पार्टी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया।

श्री चौधरी ने इसके बाद लगातार चार बार 2010, 2015,2020 और 2025 सरायरंजन विधानसभा सीट से जदयू के टिकट पर चुनाव जीता। वर्ष 2025 के चुनाव में जदयू के श्री चौधरी ने अपने निकटतम प्रतिद्धंदी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की उम्मीदवार अरविंद कुमार साहनी को 20798 मतों से पराजित किया और मुख्यमंत्री नीतीश के मंत्रिमंडल में मंत्री बने।

पिछले 21 वर्षों से जदयू में नीतीश कुमार के मिस्टर भरोसेमंद माने जाने वाले विजय चौधरी ने अपनी काबिलियत के दम पर बैंक की नौकरी से लेकर उप मुख्यमंत्री तक का सफर तय किया है। श्री चौधरी नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद और अनुभवी सहयोगियों में से एक रहे हैं।उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के गौरवशाली पद को संभालने के साथ-साथ जल संसाधन, वित्त, शिक्षा, कृषि, परिवहन और ग्रामीण विकास जैसे अति-महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री के रूप में कार्य किया है। उनके निर्वाचन क्षेत्र सरायरंजन में उनकी पहचान एक 'विकास पुरुष' और मिलनसार नेता के तौर पर है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित