बेंगलुरु , जुलाई 26 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने रविवार को कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) द्वारा 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती में कथित अनियमितताओं की गहन जांच की मांग की। उन्होंने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया।
श्री येदियुरप्पा ने यहां पत्रकारों से कहा कि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी एक लीक हुई ऑडियो क्लिप ने गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, क्योंकि इसमें कथित तौर पर उम्मीदवारों को पैसे के बदले अधिक अंक देने का वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोपों ने केपीएससी की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से धूमिल किया है।
भाजपा नेता ने प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि हालांकि सुबह शिकायत दर्ज करने के प्रयास किए गए थे, लेकिन सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही मामला रात करीब तीन बजे दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि यह देरी सरकार के मामले को संभालने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
श्री येदियुरप्पा ने कहा कि कई नौकरी के उम्मीदवारों ने उनसे मुलाकात की और कथित अनियमितताओं पर अपनी शिकायतें साझा कीं। उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया कि भाजपा एक निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपों की गंभीरता के बावजूद, कोई सार्थक सुधार शुरू नहीं किया गया, जिससे संवैधानिक भर्ती निकाय में जनता का विश्वास कम हो गया है।
श्री येदियुरप्पा ने एक दुर्लभ स्वीकारोक्ति में कहा कि जब छात्रों ने पहली बार विरोध प्रदर्शन शुरू किया था, तब भाजपा भी पर्याप्त प्रतिक्रिया देने में विफल रही थी। उन्होंने कहा कि हमने भी गलती की है, जब युवा सड़कों पर आए थे, तो हमें इस मुद्दे को अधिक गंभीरता से लेना चाहिए था। मैंने लगभग आधे घंटे तक छात्रों से बातचीत की और हम इस मामले को आगे भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सोमवार और मंगलवार को होने वाले छात्र प्रदर्शनों का पूरा समर्थन करेगी और वह खुद भी इस आंदोलन में हिस्सा लेंगे।
कर्नाटक लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति भाजपा के कार्यकाल के दौरान किए जाने के आरोपों का जवाब देते हुए श्री येदियुरप्पा ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि किस सरकार ने नियुक्ति की थी। उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्टाचार हुआ है, तो इसकी पूरी जांच होनी चाहिए, किसी को भी बचाया नहीं जाना चाहिए, यह बेहद गंभीर है कि दलाल खुले तौर पर दावा कर रहे हैं कि वे भर्ती प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।
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