बेंगलुरु , जनवरी 10 -- भाजपा राज्य अध्यक्ष विजयेंद्र येदियुरप्पा ने शनिवार को कांग्रेस नेतृत्व से अपने राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल पर लगाम लगाने की मांग की। उन्होंने उन पर कर्नाटक के मामलों में बार-बार दखल देने और केरल के सीमावर्ती इलाकों में कन्नड़ विद्यालयों में कथित तौर पर मलयालम को जबरन थोपने पर चुप रहने का आरोप लगाया।
संवाददाताओं से बात करते हुए श्री विजयेंद्र ने कहा कि सिर्फ बयान देने या चिट्ठी लिखने से केरल में चल रहे कन्नड़ विद्यालयों की सुरक्षा नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सिद्दारमैया सरकार को कन्नड़ लोगों के हितों की रक्षा के लिए साफ और कड़ा रुख अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को यह पक्का करना चाहिए कि राजनीतिक दबाव या कांग्रेस हाईकमान के दखल की वजह से कन्नड़ लोगों के साथ कोई अन्याय न हो।
श्री विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि श्री वेणुगोपाल कर्नाटक से जुड़े मुद्दों पर अक्सर टिप्पणी करते हैं, लेकिन केरल में कन्नड़ भाषा और संस्कृति की रक्षा मामले में वे दखल देने में नाकाम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने कई कन्नड़ समर्थक संगठनों के साथ मिलकर कर्नाटक की सीमा से लगे केरल के इलाकों में कन्नड़ स्कूलों में मलयालम थोपने के कथित कदम का कड़ा विरोध किया है।
हाल ही में हुई कोगिलु घटना का जिक्र करते हुए श्री विजयेंद्र ने दावा किया कि श्री वेणुगोपाल के आक्रामक बयानों ने पूरी कांग्रेस सरकार को हिला दिया है और इसे राज्य मामलों में पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व का गलत हस्तक्षेप बताया।
घृणास्पद भाषण से संबंधित कानून पर एक सवाल का जवाब देते हुए श्री विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने बेलगावी शीतकालीन सत्र के दौरान चर्चा की अनुमति दिए बिना 'पिछले दरवाजे' से कानून पारित कर दिया।
उन्होंने कहा कि न केवल भाजपा बल्कि जेडीएस और कई अन्य संगठनों ने भी इस कानून का विरोध किया है और इस कदम को आपातकाल लगाने जैसा प्रयास बताया है।
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