बेंगलुरु , अक्टूबर 20 -- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रस्तावित विजयादशमी जुलूस के लिए पुलिस से औपचारिक अनुमति लेने को कहते हुए स्पष्ट किया कि कार्यक्रम की सूचना मात्र अधिकारियों को देना अनुमति प्राप्त करने के समान नहीं है।
श्री खरगे ने संगठन से कहा कि वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करे, प्रस्तावित जुलूस का विवरण दे और सक्षम अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार करे।
श्री खरगे ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मेरे प्रिय आरएसएस स्वयंसेवकों, मुझे उम्मीद है कि विजयादशमी उत्सव की तैयारियां पूरे जोर-शोर से चल रही हैं। मेरा उद्देश्य आपके उत्साह को कम करना नहीं है।"उन्होंने कहा कि सूचना देने, सहयोग करने या आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए गृह विभाग को जानकारी देना आधिकारिक अनुमति नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा, "कृपया सभी संगठनों पर लागू निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना आवेदन जमा करें और सक्षम अधिकारियों की औपचारिक मंजूरी का इंतजार करें।"श्री खरगे ने कर्नाटक में आरएसएस की गतिविधियों के व्यापक स्तर का उल्लेख करते हुए बड़े जुलूसों के आयोजन से जुड़ी व्यवस्थागत और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों की ओर भी ध्यान दिलाया।
आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि संगठन ने राज्य में 562 जुलूस निकाले, जिनमें 2,21,963 गणवेशधारी स्वयंसेवकों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी वाले जुलूसों के लिए पहले से योजना बनाना, पुलिसकर्मियों की तैनाती, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों के लिए समन्वय जरूरी है।
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