भोपाल , फरवरी 20 -- मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को 'औकात में रहो' कहे जाने के कथित बयान को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रदेशभर में प्रदर्शन किया।
राजधानी भोपाल में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय के बाहर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंत्री विजयवर्गीय का पुतला दहन करने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच छीना-झपटी हुई तथा कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। वही अन्य शहरों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर पुतले जलाए।
विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सिंगरौली में कोल ब्लॉक आवंटन के मुद्दे पर चर्चा के समय नेता प्रतिपक्ष और संसदीय कार्य मंत्री के बीच तीखी नोकझोंक हुई। चर्चा के दौरान अडाणी समूह का नाम लिए जाने पर सत्ता पक्ष की ओर से आपत्ति जताई गई। संसदीय कार्य मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया, जिसके बाद बहस तेज हो गई और सदन में कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बनी रही।
लगभग 40 मिनट के अंतराल के बाद कार्यवाही पुनः शुरू होने पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए। उन्होंने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की।
संसदीय कार्य मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं और यदि कोई शब्द अनुचित निकला हो तो उन्हें खेद है। उन्होंने कहा कि वे नेता प्रतिपक्ष का सम्मान करते हैं। इस पर कांग्रेस विधायकों ने स्पष्ट माफी की मांग की। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मंत्री द्वारा व्यक्त किया गया दुख पर्याप्त है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले को शांत करने का प्रयास करते हुए कहा कि यदि जाने-अनजाने में कोई शब्द अनुचित निकले हों तो वे उसकी ओर से माफी मांगते हैं। नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने मुख्यमंत्री के भाव का सम्मान करते हुए कहा कि यदि उनकी ओर से भी कुछ हुआ हो तो वे खेद व्यक्त करते हैं। इसके बाद सदन की कार्यवाही सामान्य हो गई।
हालांकि बाद में मीडिया से चर्चा में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि कई बार बहस के दौरान ऐसी स्थिति बन जाती है। वहीं सिंघार ने कहा कि मुद्दा तथ्यों के आधार पर उठाया गया था और असल मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास नहीं होना चाहिए।
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