चेन्नई , सितंबर 17 -- तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गुरुवार को समाज सुधारक पेरियार ई.वी. रामासामी की 148वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और सामाजिक न्याय, तर्कवाद, आत्मसम्मान तथा समानता के लिए उनके योगदान को याद किया।
तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर और मंत्रियों ने चेन्नई शहर में अन्ना सालै स्थित पेरियार की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन, विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने वरिष्ठ पार्टी नेताओं और पूर्व मंत्रियों के साथ शहर में पेरियार की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री विजय ने कहा, ''थंथई पेरियार की जयंती पर मैं उनके क्रांतिकारी विचारों और सिद्धांतों को गर्व के साथ याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने अपना पूरा जीवन आत्मसम्मान, सामाजिक न्याय और तर्कवाद के बीज बोने, इन मूल्यों से समृद्ध सामाजिक न्याय और प्रगतिशील विचारों को लोगों के मन में स्थापित करने, जाति और धार्मिक भेदभाव को समाप्त करने तथा लोगों के अधिकार वापस दिलाने के लिए समर्पित किया,''उन्होंने कहा, ''श्री पेरियार के सिद्धांतों के रास्ते पर चलते हुए और 'जन्म से सभी जीवन समान हैं' के नारे के अनुरूप, हम आज ऐसा तमिलनाडु बनाने का संकल्प लेते हैं, जहां सभी लोग समान अवसरों के साथ आगे बढ़ें और आत्मसम्मान कायम रहे।''श्री विजय ने कहा, ''श्री पेरियार द्वारा बोए गए सामाजिक न्याय के बीज पीढ़ी-दर-पीढ़ी फलते-फूलते रहें। उनके सिद्धांत हमें एक विजयी तमिलनाडु बनाने की यात्रा में मार्गदर्शन देते रहें।''श्री स्टालिन ने कहा कि श्री पेरियार ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया कि तमिलों की आने वाली पीढ़ियां अपना सिर ऊंचा रख सकें। उन्होंने कहा कि वर्चस्व के जिन रूपों का उन्होंने उल्लेख किया, वे आज भी मौजूद हैं। ऐसे वर्चस्व के रूपों की पहचान करना और उन्हें चुनौती देना आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी बनी रहेगी।
उन्होंने सवाल करने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि श्री पेरियार द्वारा प्रज्वलित तर्कवाद की लौ पीढ़ी-दर-पीढ़ी जलती रहनी चाहिए।
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