पटना , मई 04 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद अधिकारियों को आम लोगों के लिये यातायात की वैकल्पिक व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी की अध्यक्षता में विक्रमशिला सेतु के एक स्पैन के क्षतिग्रस्त होने एवं उस पर की जा रही कार्रवाई को लेकर आज समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिये कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों के लिये यातायात की वैकल्पिक व्यवस्था अविलंब सुनिश्चित करें। विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त भाग को यातायात पुनर्स्थापन के लिये विशेषज्ञों से तकनीकी प्रतिवेदन प्राप्त कर रेस्टोरेशन का कार्य सुनिश्चित करें। वर्तमान में उत्तर बिहार से आने वाले वाहन गंगा नदी पर बने श्रीकृष्ण सेतु, मुंगेर का उपयोग कर राष्ट्रीय उच्च पथ-33 (पुराना एन०एच०-80) के माध्यम से भागलपुर पहुंच सकते हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिये कि मुंगेर से भागलपुर पथ पर यातायात को व्यवस्थित करें, जिससे लोगों का आवागमन आसानी से हो सके। इस पथ के 4 लेन के निर्माण कार्य को ससमय पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि पुलों के मेंटेनेंस के लिए बनाई गई पॉलिसी के तहत राज्य के सभी बड़े पुलों का एस०ओ०पी० के तहत ऑडिट कराएं। सभी पुलों को मेनटेन रखें, अनुरक्षण में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जो भी अपने कर्तव्य का निवर्हन ठीक ढंग से नहीं करें, दोषी पाये जाने पर शीघ्र कार्रवाई करें। गंगा नदी पर इस पुल के समानांतर बनाए जानेवाले नये 4 लेन ब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से पूर्ण करें। इस पुल के भागलपुर और नवगछिया दोनों तरफ सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखें और वाहन का प्रवेश वर्जित रखें। बिजली की व्यवस्था बेहतर रखें। नाव से आवागमन में एस०ओ०पी० का पालन हो और यात्रियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।

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