लखनऊ , मार्च 19 -- उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि पिछले नौ साल "विकास के नहीं, बल्कि विनाश" के रहे हैं।

पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होने सरकार के "नौ साल के परिवर्तन" के दावों को भ्रामक करार देते हुए कहा कि जमीनी हकीकत प्रशासनिक विफलता, भ्रष्टाचार और आम जनता की समस्याओं को दर्शाती है। उन्होंने हाल ही में लखनऊ में बने 1519 करोड़ रुपये के ग्रीन कॉरिडोर का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उद्घाटन के एक दिन बाद ही सड़क धंस गई, जो इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में "गहरे भ्रष्टाचार" का उदाहरण है।

फतेहपुर की एक घटना का हवाला देते हुए राय ने कहा कि सूदखोरी के चलते एक परिवार ने 5 लाख रुपये का कर्ज लेकर 27.5 लाख रुपये चुकाए, फिर भी दबाव बना रहा और अंततः परिवार ने आत्महत्या कर ली। इसे उन्होंने सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति की विफलता बताया।

उन्होंने मोहनलालगंज में एक ग्राम रोजगार सेवक की कथित आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया, जिसे उन्होंने मानदेय में देरी और आर्थिक तंगी से जोड़ते हुए कहा कि ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ ऐसे कर्मचारी उपेक्षित हैं। बदायूं की एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए राय ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि एक औद्योगिक इकाई के भीतर दो अधिकारियों की हत्या में सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों का नाम सामने आया है।

सांस्कृतिक मुद्दों पर उन्होंने वाराणसी की विरासत को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया, जबकि सरकार लगातार विकास के दावे करती रही है। किसानों की समस्याओं पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आगरा जैसे क्षेत्रों में आलू उत्पादकों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है, जहां लागत मूल्य बाजार कीमत से अधिक है। साथ ही बुआई से पहले यूरिया की कालाबाजारी का भी आरोप लगाया।

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