जयपुर , नवंबर 01 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विकसित राजस्थान के निर्माण में हर समाज की भागीदारी को जरूरी बताते हुए कहा है कि युवा सोच, वरिष्ठजनों का अनुभव और मातृशक्ति की सहभागिता विकास की नई राह प्रशस्त कर सकती है।
श्री शर्मा रविवार को कायमखानी समाज के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बेटियों के शिक्षित और सशक्त होने से परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि समाज के प्रबुद्धजन सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद परिवारों तक सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के संकल्प का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार समृद्ध, सशक्त और 'विकसित भारत-विकसित राजस्थान' के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार का मुख्य उद्देश्य हर वर्ग तक शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
युवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को पुस्तकालय, ई-लाइब्रेरी, ई-मित्र और ऑनलाइन सेवाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 'अटल ज्ञान केंद्र' स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों से आवश्यक सुविधाएं गांवों में ही मिलने से युवाओं का शहरों की ओर पलायन रुकेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ लगातार भर्तियां आयोजित कर रही है, इसलिए युवा मन लगाकर पढ़ाई करें और सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए उनके साथ खड़ी है।
शिक्षा और सामाजिक चेतना को प्रगति का आधार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का मैस भत्ता 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। इसके अलावा, विभिन्न योजनाओं के तहत 26 हजार से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को 17 करोड़ 16 लाख रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। 'मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना' के माध्यम से 4,786 अभ्यर्थियों को कोचिंग सुविधा दी गई है, जबकि 'प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम' के तहत लगभग 100 करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए गए हैं।
जल संसाधनों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक पहल की गई है। पानी से जुड़े दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के कार्य हाथ में लिए गए हैं। दशकों से लंबित 'रामजल सेतु लिंक परियोजना', 'यमुना जल' और 'किशाऊ समझौते' जैसी विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारने का काम तेजी से चल रहा है, जिससे पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था को गति प्राप्त होगी।
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