बठिंडा , जून 02 -- केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बठिंडा के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था केवल उपचार तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब यह निवारक, प्रोत्साहक, पुनर्वास, उपशामक और वृद्धावस्था देखभाल को शामिल करने वाली व्यापक स्वास्थ्य संरचना में बदल चुकी है।
दीक्षांत समारोह में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई देते हुए श्री नड्डा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वस्थ भारत सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, टेलीमेडिसिन और सटीक चिकित्सा जैसी नयी तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया, लेकिन साथ ही मरीजों की देखभाल में करुणा, सहानुभूति और मानवीय संवेदनाओं को बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एम्स बठिंडा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है और यहां प्रतिदिन लगभग 3,000 ओपीडी तथा 600 आईपीडी मरीजों का उपचार किया जा रहा है। संस्थान आसपास के 59 गांवों में नियमित आयुष्मान शिविर लगाकर मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी बीमारियों की जांच भी कर रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में 18 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की निवारक स्वास्थ्य नीति के तहत करोड़ों लोगों की कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप की जांच की जा चुकी है।
इस अवसर पर श्री नड्डा ने एम्स बठिंडा में कैंसर रोगियों के लिए अत्याधुनिक 'पीईटी-सीटी सुविधा' और दूसरी 'हाई एनर्जी लीनियर एक्सेलेरेटर यूनिट' का उद्घाटन किया। इसके अलावा उन्होंने बर्न आईसीयू, बाल विकास एवं प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र तथा जिम एवं वेलनेस सेंटर को भी जनता को समर्पित किया। श्री नड्डा ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में एम्स संस्थानों की संख्या बढ़कर 23 हो गयी है, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 820 से अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि सरकार अगले पांच वर्षों में मेडिकल शिक्षा में 75,000 नयी सीटें जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
समारोह में एम्स बठिंडा की अध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरजा भाटला, कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. रतन गुप्ता, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा, स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक भी उपस्थित थे।
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