अल्मोड़ा , जून 18 -- उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने गुरुवार को यहां सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने युवाओं से 'नेशन फर्स्ट' की भावना के साथ बड़े सपने देखने, नवाचार को अपनाने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के "फाउंडेशन पिलर्स" हैं, जिनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप कौशल विकास, नवाचार, उद्यमिता और शोध को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि शोध कार्य केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहकर समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान का माध्यम बनना चाहिए। पर्वतीय क्षेत्रों की कृषि, जड़ी-बूटी, जल संरक्षण और स्थानीय चुनौतियों पर उपयोगी शोध की आवश्यकता है। साथ ही साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसे आधुनिक विषयों पर विश्वविद्यालय की पहल की भी सराहना की।

लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड की बेटियां शिक्षा, खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में पदक हासिल करना राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने युवाओं से रोजगार मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनने का आह्वान करते हुए कहा कि जैविक कृषि, जड़ी-बूटी, पर्यटन और स्टार्टअप के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को उत्तराखण्ड का प्राकृतिक और आध्यात्मिक दायित्व बताते हुए हिमालय, नदियों और वनों के संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट सहित शिक्षक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक मौजूद रहे।

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