भागलपुर , अप्रैल 24 -- बिहार के राज्यपाल सह कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन ने शुक्रवार को कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए कृषि के क्षेत्र में नए प्रयोग आवश्यक हैं और इस कार्य में कृषि विज्ञान के छात्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

श्री हसनैन ने आज जिले के सबौर स्थित बिहार कृषि विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय का परिसर पर्यावरण संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है और यह अन्य संस्थानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में कृषि क्षेत्र से जुड़े छात्र और वैज्ञानिक देश की खाद्य सुरक्षा के संरक्षक हैं और यही मजबूती भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में सहायक होगी।

राज्यपाल ने ने चीन के विकास मॉडल और देंग शियाओपिंग के चार आधुनिकीकरण के तरीके कृषि, तकनीकी शिक्षा, उद्योग एवं सशस्त्र बल का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत को भी तकनीक, जलवायु परिवर्तन और कृषि अनुसंधान पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृषि केवल देश ही नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के जीवन से जुड़ा विषय है।

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