नयी दिल्ली , जनवरी 30 -- इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि आने वाले समय में जीवन के हर क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(एआई) का उपयोग होने वाला है और विकसित भारत की यात्रा में इस विधा की अहम भूमिका होगी।

श्री वैष्णव ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि 16 से 20 फरवरी तक नयी दिल्ली में होने वाला इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 पूरी दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा शिखर सम्मेलन होने वाला है जिसमें उद्योग जगत की बड़ी कंपनियों के 100 से ज़्यादा सीईओ शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारत ने अपना एआई तंत्र विकसित किया है उस पर पूरी दुनिया की निगाहें हैं और यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाली पहली ग्लोबल एआई समिट होगी। उन्होंने कहा कि पूरा विश्च इस क्षेत्र में हमारी तरफ बहुत उम्मीद से देख रहा है और देश उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा।

उन्होंने कहा भारत का सूचना प्राैद्योगिकी क्षेत्र (आईटी) सेक्टर तेज़ी से पारंपरिक सॉफ्टवेयर विकास से एआई-आधारित समाधानों की ओर बढ़ रहा है। भारत की आईटी इंडस्ट्री के पास कई दशकों से जो ताकत रही है, उस ताकत का इस्तेमाल सॉफ्टवेयर विकास के पुराने मॉडल की बजाय एआई समाधान प्रदान करने में किया जा रहा है। श्री वैष्णव ने कहा कि भारत ने पहले ही एआई से संबंधित कारोबार में 70 अरब डालर का निवेश आकर्षित किया है और यह आंकड़ा समिट के अंत तक दोगुना हो सकता है। उद्योग विकास में एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है। इसकी बदौलत आईटी कंपनियां अब कर्मचारियों को री-स्किल कर रही हैं, ग्राहकों के साथ फिर से जुड़ रही हैं, और नए बाज़ार के अवसरों की तलाश कर रही हैं।

श्री वैष्णव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि एआई के असली फायदे इसकी तैनाती, बेहतर उत्पादकता और दक्षता से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि देश में पांच लाख से ज़्यादा छात्र पहले ही एआई क्षेत्र में कौशल हासिल कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हम देश के 500 विश्वविद्यालयों में एआई आधारित इंफ्रा और पाठयक्रम देंगे, जहाँ छात्रों को एआई के अवसरों पर बेहतर ट्रेनिंग मिल सकेगी।"उन्होंने कहा कि भारत के एआई मिशन ने बहुत अच्छी प्रगति की है। एआई डेटा लैब विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित किए गए हैं, जो समावेशी विकास के प्रति हमारे दृष्टिकोण को दर्शाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समान अवसर की दृष्टि के अनुरूप हो। हमारे 500 से अधिक डेटा लैब का लक्ष्य पूरे देश में फैलाया जाएगा और भविष्य में छात्रों के लिए नए द्वार खोलेगा।"गौरतलब है कि विश्वभर में एआई के बढ़ते उपयोग के साथ, एआई इम्पैक्ट समिट इस विधा के प्रभाव पर चर्चा का मंच तैयार करती है, जिसमें वैश्विक दक्षिण और उससे परे के लिए एक वैश्विक संयोजक के रूप में भारत की भूमिका का उल्लेख किया जायेगा । विश्व के नेताओं, नवप्रवर्तकों, नीति निर्माताओं और उद्योग जगत के दिग्गजों को एक साथ लाकर, यह शिखर सम्मेलन एआई के लिए एक साझा दृष्टिकोण को आकार देगा जो वास्तव में कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए उपयोगी होगा।

यह वैश्विक मंच समावेशी विकास, स्थिरता और समान प्रगति को बढ़ावा देने में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका को प्रदर्शित करेगा। यह शिखर सम्मेलन एक ऐसा मार्ग प्रशस्त करता है जहां एआई मानवता की सेवा करता है, समावेशी विकास को आगे बढ़ाता है, सामाजिक विकास को बढ़ावा देता है और ग्रह की रक्षा करने वाले नवाचारों को प्रोत्साहित करता है।

इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कई प्रमुख पहलें शामिल होंगी। इसमें एआई पिच फेस्ट में दुनिया भर के नवोन्मेषी एआई स्टार्टअप और भारत के टियर 2 और टियर 3 के शहरों के उच्च क्षमता वाले उद्यमों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिसमें महिला नेताओं और दिव्यांग परिवर्तनकर्ताओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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