जयपुर , अक्टूबर 17 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए सुशासन, आधारभूत ढांचे के विस्तार और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है।
श्री शर्मा ने शनिवार को यहां राजस्थान आवासन मंडल की विशिष्ट पंजीकरण योजना-2026 के तहत पत्रकारों के लिए विशेष आवास योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय जल समझौतों राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, नर्मदा समझौता और किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजनाओं को धरातल पर उतारा है, इससे प्रदेश के करोड़ों लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान वैश्विक निवेश सम्मेलन में नौ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही ग्रीनफील्ड रिफाइनरी एवं पेट्रोकैमिकल परियोजना से राजस्थान की अर्थव्यवस्था को नया आयाम मिलेगा। रिफाइनरी से निकलने वाले उत्पादों के आधार पर छोटे और बड़े उद्योगों की स्थापना की भी व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक 410 से अधिक परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ बिना पेपरलीक के सम्पन्न करवाई हैं। राज्य में अब तक एक लाख 93 हजार पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं वहीं एक लाख 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है और 70 हजार पदों पर भर्ती की दिशा में कार्य हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बिजली में आत्मनिर्भरता से आगे बढ़ते हुए अब राजस्थान विद्युत प्रदाता राज्य बन गया है। डबल इंजन सरकार ने प्रदेश में किसान सम्मान निधि की राशि को बढ़ाकर नौ हजार रुपये किया है तथा 26 जिलों में किसानों को दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि विकास और विरासत साथ-साथ चलनी चाहिए। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार शेखावाटी की ऐतिहासिक विरासत, हवेलियों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सीकर, झुंझुनूं और चूरू में हेरिटेज टूरिज्म सर्किट को विकसित कर रही है।
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