पटना , जून 23 -- गर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने विकसित बिहार के लिए शहरीकरण, औद्योगीकरण और पर्यटन को तीन प्रमुख मंत्र बताते हुए कहा कि राज्य अब इन तीनों क्षेत्रों के जरिए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। श्री मिश्रा ने नगर विकास एवं आवास विभाग (यूडीएचडी) द्वारा आयोजित दो दिवसीय 'बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम' के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि बिहार ने पिछले 20 वर्षों में विकास की लंबी और सकारात्मक यात्रा तय की है। समय बदल गया है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को विकासशील शहर बसाने और उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
मंत्री ने जोर देकर कहा कि शहरों के विकास के लिए कार्यक्रमों और योजनाओं में फंड की जरूरत पड़ेगी, इसलिए नगर स्थानीय निकायों (यूएलबीएस) के प्रोजेक्ट्स में यदि नवाचार, टिकाऊ विकास और राजस्व सृजन की क्षमता है तो उन्हें 'अर्बन चैलेंज फंड' के तहत प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने कार्यकाल में ऐसे यादगार कार्य करने चाहिए, जिनसे लोगों की जिन्दगी में बड़ा सकारात्मक बदलाव हो और वे उन्हें प्रेरणास्रोत के रूप में याद रखें। साथ ही विश्व, देश और राज्य स्तर पर हो रहे बेहतरीन कार्यों से लगातार सीख लेते हुए, अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप और डिजिटल नवाचार को शामिल करते हुए बिहार विकास की नई गाथा लिखेगा।
श्री मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार शहरी प्रशासन को सुदृढ़ बनाने के लिए वित्तीय सहायता में निरंतर वृद्धि करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शहरी विकास योजनाओं एवं प्रतिबद्ध देनदारियों के मद में 15,237 करोड़ रुपये से अधिक के बजट की योजना है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 332 करोड़ रुपये का संपत्ति कर संग्रह बढ़कर वर्ष 2025-26 में 565 करोड़ रुपये पहुंच गया है। संपत्ति कर नगर वित्त व्यवस्था की रीढ़ है। इसलिए सभी शहरी स्थानीय निकायों को संपत्ति मूल्यांकन सुधार, डिजिटल कर संग्रह प्रणाली तथा कर अनुपालन में वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
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