नयी दिल्ली , अक्टूबर 25 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण हजारों वर्ष बाद आज भी हमें जीवन में निरंतर प्रयास करते रहने, सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता का संदेश देती है।

श्री मोदी ने आकाशवाणी से प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम 'मन की बात' की 139वीं कड़ी में रविवार को कहा कि 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती है और उनकी रामायण आज भी हमें कुछ नया सिखाती है।

उन्होंने कहा कि वाल्मीकि रामायण में भगवान राम का चरित्र सेवा, करुणा और सामाजिक समरसता के मूल्यों का सुंदर उदाहरण है। भगवान राम ने माता शबरी के प्रेम और भक्ति को अपनाया तथा निषादराज की मित्रता को सम्मान दिया। सबको साथ लेकर चलने का यह भाव आज भी हमें दिशा दिखाता है।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि इन आदर्शों का प्रतिबिंब अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भी दिखाई देता है। वहां महर्षि वाल्मीकि, निषादराज और माता शबरी के मंदिर भी बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें संतोष है कि अयोध्या के हवाई अड्डे का नाम भी महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। ये प्रयास उस महान परंपरा को समृद्ध करते हैं, जिसमें सेवा, समरसता और करुणा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

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