महराजगंज , अगस्त 30 -- नेपाल के पर्वतीय क्षेत्रों और नारायणी नदी के कैचमेंट एरिया में हो रही सामान्य बारिश के चलते गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। वाल्मीकि नगर बैराज से रविवार दोपहर एक बजे 1,47,500 (एक लाख 47 हजार 500) क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। सिंचाई विभाग के अनुसार, जलस्तर बढ़ने के बावजूद स्थिति पूरी तरह से सामान्य और नियंत्रण में है।

बैराज नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के मुताबिक रविवार दोपहर 1:00 बजे वाल्मीकि नगर बैराज का अपर स्ट्रीम जलस्तर 355.20 फीट और डाउन स्ट्रीम जलस्तर 352.50 फीट दर्ज किया गया। नदी में हो रहे इस जलप्रवाह पर कृत्रिम बनी बैरियर झील के डिस्चार्ज का कोई विशेष प्रभाव नहीं है।

नेपाल के कैचमेंट एरिया में बने रेन गेज स्टेशनों पर हो रही बारिश को देखते हुए वाल्मीकि बैराज पर अधिकतम डिस्चार्ज 1.5 लाख (डेढ़ लाख) क्यूसेक तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। फिलहाल पूर्वी मुख्य नहर और पश्चिमी मुख्य नहर में पानी का प्रवाह शून्य रखा गया है और पूरा पानी डाउन स्ट्रीम में ही डिस्चार्ज किया जा रहा है। बाढ़ खंड के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर 24 घंटे सतर्कता के साथ लगातार निगरानी रखी जा रही है और तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं।

जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया की नेपाल में आकस्मिक बाढ़ की स्थिति के दृष्टिगत जनपद महराजगंज में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। गंडक/नारायणी नदी के जलस्तर की 24 घंटे लगातार निगरानी की जा रही है। नदी तटीय एवं निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के साथ संबंधित अधिकारियों को लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीआरएफ, पुलिस, राजस्व एवं अन्य संबंधित टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। जिला प्रशासन की प्राथमिकता नागरिकों की सुरक्षा है। सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि आपसी समन्वय के साथ सतर्कता एवं तैयारियों को बनाए रखें।

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