वाराणसी , जुलाई 26 -- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सिगरा थाना की पुलिस और साइबर अपराध प्रकोष्ठ की संयुक्त टीम ने प्रदेशव्यापी अभियान 'ऑपरेशन-वज्र ' के तहत कार्रवाई करते हुए लोगों के आधार कार्ड में कूटरचना कर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है और इस सिलसिले में महिला सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद बैंक खातों के संबंध में देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 21 साइबर शिकायतों में कुल 76,44,476.97 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। पुलिस ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में वाराणसी के शिवपुरवा निवासी अनिल कुमार (22), सोनभद्र के म्योरपुर क्षेत्र की कुमारी (काल्पनिक नाम, 20), सोनभद्र की माला (काल्पनिक नाम, 22), सोनभद्र के दुद्धी निवासी उमंग कुमार (22), जौनपुर निवासी एवं वर्तमान में वाराणसी के शिवपुरवा निवासी जितेन्द्र कुमार कन्नौजिया (35) तथा वाराणसी के रानीपुर, महमूरगंज निवासी शोभनाथ (55) शामिल हैं। सभी आरोपियों को 26 जुलाई को ओम पब्लिक स्कूल तिराहा, महमूरगंज (थाना क्षेत्र भेलूपुर) से गिरफ्तार किया गया।
इनके कब्जे से विभिन्न बैंकों की 11 पासबुक, चार चेकबुक, तीन सीलबंद चेकबुक, तीन सीलबंद डेबिट कार्ड, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन, दो पैन कार्ड तथा तीन कूटरचित आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। इस संबंध में थाना सिगरा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार गिरोह पहले लोगों को धन का लालच देकर उनके आधार कार्ड में दर्ज स्थायी पते में कूटरचना कर उन्हें वाराणसी के सिगरा क्षेत्र का निवासी दर्शाता था। इसके बाद फर्जी पते के आधार पर विभिन्न बैंकों में उनके नाम से खाते खुलवाए जाते थे। बैंक किट (चेकबुक, डेबिट कार्ड और अन्य दस्तावेज) फर्जी पते पर पहुंचने से पहले पोस्टमैन के माध्यम से प्राप्त कर लिए जाते थे। इसके बाद बैंक खाते से लिंक मोबाइल सिम और बैंक किट को पैक कर कोरियर के जरिए देशभर में सक्रिय साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी में किया जाता था।
जांच में बरामद बैंक खातों का संबंध बिहार, असम, कर्नाटक, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु और मणिपुर सहित विभिन्न राज्यों में दर्ज 21 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से मिला है। इन मामलों में कर्नाटक में सबसे अधिक 35,56,508 रुपये, राजस्थान में 9,60,200 रुपये (दो शिकायतों सहित), पंजाब में दो मामलों में 14,25,800 रुपये, मणिपुर में 4,31,060 रुपये, महाराष्ट्र में 3,20,200 रुपये, बिहार में 4,58,750 रुपये, हरियाणा में 99,700 रुपये, तमिलनाडु में कुल 1,10,844 रुपये तथा असम में 99.97 रुपये की साइबर ठगी दर्ज है। इन सभी शिकायतों में कुल धोखाधड़ी की राशि 76,44,476.97 रुपये है।
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