वाराणसी , जुलाई 16 -- ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 'विकसित भारत जी-राम अधिनियम, 2025' के तहत पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और झारखंड के पंचायत प्रतिनिधियों एवं पंचायत प्रमुखों ने भाग लिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि आने वाला समय भारत तथा उत्तर भारत का है। विकसित भारत जी-राम अधिनियम का उद्देश्य गांवों का समग्र एवं योजनाबद्ध विकास करना है। उन्होंने कहा कि संसद में इस कानून का प्रारंभिक विरोध हुआ, लेकिन इसके उद्देश्यों को समझने के बाद विपक्ष ने केवल सांकेतिक विरोध किया।
श्री मौर्य ने कहा कि पूर्ववर्ती मनरेगा व्यवस्था में संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो पाता था, जबकि वर्तमान व्यवस्था में ग्रामों के बुनियादी ढांचे, विकसित पंचायत, दवाई, कमाई और पढ़ाई जैसे विषयों को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री गतिशक्ति योजना को इससे जोड़कर विकास कार्यों में दोहराव (डुप्लीकेसी) को रोका गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 वर्ष मुख्यमंत्री और 12 वर्ष प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा करते हुए विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है। उनके नेतृत्व में 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर लाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत रिकॉर्ड संख्या में आवास बनाए गए हैं तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से गरीबों को खाद्यान्न और स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है।
उपमुख्यमंत्री ने पंचायत प्रतिनिधियों से जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में शीघ्र ही महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना शुरू की जाएगी। उन्होंने महिला सशक्तिकरण, स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण तथा गांवों में रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक मद की सीमा छह प्रतिशत से बढ़ाकर नौ प्रतिशत कर दी गई है तथा गांवों के विकास का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए, जिससे पलायन रुके।
उन्होंने वाराणसी में गंगा और वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर सहित लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मिली मंजूरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य विकसित उत्तर प्रदेश के माध्यम से ही पूरा होगा। उन्होंने कानून-व्यवस्था, नक्सलवाद पर नियंत्रण तथा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने कहा कि देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, इसलिए ग्रामीण विकास ही विकसित भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्रालय केंद्र सरकार का तीसरा सबसे बड़ा मंत्रालय है तथा जी-राम योजना अगले 25 वर्षों के ग्रामीण विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करती है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से मजबूत ग्रामीण विकास की नींव रखने का आह्वान करते हुए कहा कि विकास कार्य स्थायी और उपयोगी होने चाहिए। स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा सरस मेलों के नियमित आयोजन पर भी उन्होंने जोर दिया।
श्री पासवान ने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 23 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में काशी का अभूतपूर्व विकास हुआ है। श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद शहर की तस्वीर बदल गई है और अब प्रतिवर्ष करोड़ों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। सड़क, हवाई संपर्क और अन्य आधारभूत सुविधाओं में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से विकसित भारत जी-राम योजना के उद्देश्यों को गांव-गांव तक पहुंचाकर विकसित पंचायतों के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
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