वाराणसी , अक्टूबर 06 -- विश्व में सर्वाधिक मखाना उत्पादक देश भारत है, जहां मुख्य रूप से बिहार में इसकी खेती होती है। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में भी मखाना उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को जिले के मिर्जामुराद स्थित कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर में मखाना विकास योजना के अंतर्गत दो दिवसीय जिला स्तरीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।

उदय प्रताप कॉलेज के उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. धर्मेंद्र सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष नवीन कुमार सिंह तथा डॉ. डी.आर. भारद्वाज ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। संगोष्ठी में क्षेत्र के सैकड़ों किसान शामिल हुए।

उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों सहित वाराणसी, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया समेत कुल 18 जिलों में मखाना खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। कार्यक्रम में मखाना विकास योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण साहित्य का विमोचन भी किया गया। डॉ. डी.आर. भारद्वाज ने किसानों को बुआई का समय, उत्पादन प्रक्रिया और फसल अवधि की विस्तृत जानकारी दी। भूतपूर्व वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक ज्योति कुमार सिंह ने प्रश्नोत्तरी के माध्यम से किसानों के प्रश्नों का समाधान किया।

प्रो. धर्मेंद्र सिंह ने मखाना की वैल्यू एडिशन तथा अन्य सब्जियों की तुलना में अधिक आय देने वाली फसल बताते हुए किसानों से घरेलू एवं निर्यात बाजार के लिए खेती बढ़ाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक सुधांशु कुमार सिंह ने किया।

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