वाराणसी , मार्च 03 -- वाराणसी नगर निगम द्वारा एक मार्च को डोमरी के सूजाबाद क्षेत्र में एक घंटे में दो लाख 51 हजार 446 पौधे लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकार्ड्स में नाम दर्ज कराने के बाद पौधारोपण स्थल पर मवेशियों (भैंसों) के घूमने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। नगर निगम प्रशासन ने डोमरी क्षेत्र में मियावाकी तकनीक से विकसित किए जा रहे वन को लेकर फैलाई जा रही कथित भ्रामक खबरों और नकारात्मक प्रचार पर सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की चेतावनी दी है। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने वाले शरारती तत्वों की पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि डोमरी की सरकारी भूमि पर लंबे समय से भू-माफियाओं की नजर थी और कुछ लोग वहां अवैध प्लाटिंग की फिराक में थे। नगर निगम द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद वही तत्व सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर विकास कार्यों को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि 'ऑक्सीजन क्लब' के रूप में विकसित हो रहे इस वन को नुकसान पहुंचाने की कोई भी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मियावाकी तकनीक एक स्थापित वैज्ञानिक पद्धति है और वर्तमान पतझड़ के मौसम में पौधों का पुराने पत्ते गिराकर नई कोपलें निकालना स्वाभाविक प्रक्रिया है।
नगर निगम के अनुसार परियोजना एक अनुबंधित एजेंसी के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसे तीन वर्षों तक वन के विकास की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पौधों की सुरक्षा के लिए स्थल पर पांच सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी सरकारी पौधे को उखाड़ना, मिट्टी फेंकना या जानबूझकर मवेशियों के माध्यम से नुकसान पहुंचाना दंडनीय अपराध है। ऐसे तत्वों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण की इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की है।
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