वाराणसी , मई 9 -- वाराणसी की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर अवैध तरीके से जमानत दिलाने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से फर्जी आधार कार्ड, जाली सत्यापन रिपोर्ट और नकदी बरामद की गई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि साइबर क्राइम थाना को सूचना मिली थी कि कुछ लोग साइबर अपराधियों के साथ मिलकर आधार कार्ड और पैन कार्ड में कूटरचना कर नाम व पते बदलते हुए अभियुक्तों की जमानत कराने का अवैध कारोबार चला रहे हैं। सूचना मिलने पर मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, जिसके बाद पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल तथा पुलिस उपायुक्त (अपराध) नीतू कादयान के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।

शनिवार को सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध) विदुष सक्सेना के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कचहरी परिसर के आसपास निगरानी बढ़ाई। संदिग्ध गतिविधियों में शामिल दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान बलराम दास पुत्र बजरंगी सिंह निवासी कोईरान चमांव थाना शिवपुर तथा जनार्दन सिंह पुत्र दुब्बर सिंह निवासी चमांव अहिरान थाना शिवपुर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह विभिन्न थानों में दर्ज मुकदमों में गिरफ्तार अभियुक्तों के संपर्क में आकर मोटी रकम के बदले फर्जी जमानतदार उपलब्ध कराता था। गिरोह के सदस्य अपने सहयोगियों के आधार और पैन कार्ड में कूटरचना कर नाम-पता बदल देते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बेल बांड दाखिल कराते थे।

इतना ही नहीं, आरोपी संबंधित थानों की फर्जी मुहर बनाकर स्वयं ही जाली सत्यापन रिपोर्ट तैयार करते थे और उन्हें स्पीड पोस्ट के माध्यम से न्यायालय में भेज देते थे। इस तरीके से साइबर अपराधियों समेत अन्य अभियुक्तों को अवैध रूप से जमानत दिलाई जाती थी।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से फर्जी आधार कार्ड, फर्जी थानों की वेरिफिकेशन रिपोर्ट, नकदी और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

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