वाराणसी , मई 13 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ईंधन की खपत कम करने और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के आह्वान का असर अब काशी में दिखने लगा है। बुधवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी तथा नगर निगम के पार्षदों ने देशहित में एक बड़ा और अनुकरणीय निर्णय लिया है।
अब नगर निगम के जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन यानी हर शनिवार को पेट्रोल या डीजल से चलने वाले निजी वाहनों का त्याग करेंगे। अर्थात् शनिवार को 'नो फ्यूल डे' के रूप में मनाया जाएगा।
नगर निगम मुख्यालय स्थित महापौर कक्ष में पार्षदों के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक में तय हुआ कि हर शनिवार को सभी पार्षद अपने घर से निगम कार्यालय तक आने-जाने के लिए पैदल, साइकिल, सार्वजनिक परिवहन या इलेक्ट्रिक वाहनों का ही उपयोग करेंगे।
बैठक के दौरान महापौर अशोक कुमार तिवारी ने स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करते हुए घोषणा की कि जब तक तेल का संकट बना रहेगा, तब तक वे अपने घर से नगर निगम कार्यालय तक का सफर पैदल ही तय करेंगे।
महापौर ने बताया कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा की बचत के लिए ईंधन खपत कम करने की अपील की है। इस क्रम में नगर निगम ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए यह कदम उठाया है। हालांकि, कूड़ागाड़ियों और अन्य आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को इस अभियान से मुक्त रखा गया है, क्योंकि नगर निगम आवश्यक सेवाओं के दायरे में आता है।
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