वाराणसी , अप्रैल 24 -- स्वच्छ भारत मिशन और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर वाराणसी नगर निगम ने सख्ती बढ़ाते हुए शहर के 490 होटल और रेस्टोरेंटों को नोटिस जारी किया है। भारी मात्रा में कचरा उत्पन्न करने वाले इन प्रतिष्ठानों को 'बल्क वेस्ट जनरेटर' श्रेणी में रखते हुए तीन दिन के भीतर अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का अंतिम अवसर दिया गया है। अपर नगर आयुक्त सविता यादव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रावधानों का पालन न करने पर संबंधित इकाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट कचरा निस्तारण के नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि 1 अप्रैल 2026 से लागू नए नियमों के तहत यह उनकी अनिवार्य जिम्मेदारी है।

नियमों के अनुसार स्थानीय निकायों को अब 'विस्तारित थोक अपशिष्ट उत्पादक उत्तरदायित्व' प्रमाणन जारी करने का अधिकार दिया गया है, जो तीन वर्षों के लिए वैध होगा। इसकी लागत और प्रबंधन प्रक्रिया केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगी। नियमों में सख्त दंडात्मक कार्रवाई का भी प्रावधान किया गया है।

वे सभी संस्थान 'बल्क वेस्ट जनरेटर' की श्रेणी में आते हैं जो 20,000 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल में स्थित हों, प्रतिदिन 40,000 लीटर से अधिक जल की खपत करते हों अथवा 100 किलोग्राम से अधिक ठोस कचरा उत्पन्न करते हों। ऐसे संस्थानों को अपने परिसर में ही गीले कचरे का प्रसंस्करण अनिवार्य रूप से करना होगा।

अपर नगर आयुक्त ने बताया कि शहर के चार बड़े होटल होटल मदीन, होटल क्लार्क, होटल रमाडा और होटल ताज गंगेज पहले से ही इन नियमों का पालन कर रहे हैं। ये होटल अपने परिसर में उत्पन्न कचरे से वर्मी कंपोस्ट तैयार कर रहे हैं, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।

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