चंडीगढ़ , सितंबर 20 -- भारतीय वायुसेना की नंबर 14 स्क्वाड्रन, 'बुल्स' ने 19 सितंबर को अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्लेटिनम जुबली मनाई। स्क्वाड्रन लीडर एलआरडी ब्लंट के नेतृत्व में 1951 में गठित इस स्क्वाड्रन में शुरुआत में स्पिटफायर विमान शामिल किए गए थे।

वायुसेना की ओर से रविवार को यहां जारी बयान के अनुसार, स्क्वाड्रन ने स्पिटफायर, वैम्पायर, हंटर और जगुआर जैसे विमानों का संचालन किया है, जो भारतीय वायुसेना की हवाई युद्ध क्षमता के विकास को दर्शाता है। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान फ्लाइट लेफ्टिनेंट एटी कुक और फ्लाइंग ऑफिसर एस ममगाईं ने पाकिस्तानी सेबर विमानों के खिलाफ स्क्वाड्रन की पहली हवाई जीत दर्ज की थी। इस वीरता के लिए दोनों को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। 14 दिसंबर 1971 को स्क्वाड्रन ने जेसोर में कब्जे में लिए गए दुश्मन के हवाई अड्डे से संचालन करने वाली पहली भारतीय वायुसेना स्क्वाड्रन बनकर इतिहास रचा।

1979 में 'बुल्स' स्क्वाड्रन पहली परिचालन भारतीय वायुसेना इकाई बनी, जिसने गहरे क्षेत्र में मार करने वाले जगुआर लड़ाकू विमान को शामिल किया। वायुसेना के अनुसार, बालाकोट अभियान के दौरान भी स्क्वाड्रन ने परिचालन क्षमता का प्रदर्शन किया और खुफिया, निगरानी एवं टोही (आईएसआर) अभियानों में उत्कृष्ट योगदान के लिए चीफ ऑफ एयर स्टाफ यूनिट प्रशस्ति प्राप्त की।

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